गृह मंत्रालय का राज्यों को फिर से ‘LOCKDOWN’ लगाने का निर्देश

लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी दिया गया निर्देश

नई दिल्ली: COVID-19 Third Wave LOCKDOWN- कोरोना की दूसरी लहर कमजोर होने और पाबंदियों में ढील के बाद लोग फिर से बाहर निकलने लगे हैं। बाजारों और पर्यटन स्थलों में भीड़ उमड़ रही है। लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिग के ही बाजार और चौराहों पर धड़ल्ले से घूम रहे हैं।

पूरे देश में कोरोना पाबंदियों में ढील के बाद लोगों की लापरवाही फिर से सामने आने लगी है। मास्क और सोशल डिस्टेंशिंग जैसे नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्र सरकार और खुद प्रधानमंत्री की ओर से अपील किए जाने के बाद कुछ खास फर्क नहीं पड़ा है।

ऐसे में अब गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भीड़ बढ़ने पर ‘लॉकडाउन’ लगाने का निर्देश जारी किया है। गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकारों को पत्र जारी कर पाबंदियां लगाने के लिए कहा है।

फिर से लगा दें ‘लॉकडाउन’

पत्र में कहा गया है कि जिन स्थानों पर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, वहां फिर से ‘लॉकडाउन’ LOCKDOWN लगा दिया जाए। पत्र में पहाड़ों पर पर्यटकों की भीड़ का भी जिक्र किया गया है।

मुख्य सचिवों के नाम लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि एक्टिव केसों में गिरावट के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने धीरे-धीरे गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दी है।

जैसा कि 19 जून को आदेश में भी कहा गया था, इस बात को दोहाराया जा रहा है कि प्रतिबंधों में छूट सावधानी पूर्वक दें।

गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिया फिर से 'LOCKDOWN' लगाने का निर्देश, जानें

लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी दिया गया निर्देश

अडवाइजरी में कहा है, यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस प्रतिष्ठान, परिसर या बाजार आदि में कोरोना से बचाव को लेकर बताए गए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है वहां दोबारा प्रतिबंध लगा दिए जाएं, ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके।

इसके अलावा सख्त कानूनी कार्रवाई भी करने को कहा गया है। राज्यों को सलाह दी गई है कि ‘दवाई भी, कड़ाई भी’ मंत्र का पालन करते हुए टेस्टिंग में कमी ना आने दी जाए।

गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिया फिर से 'LOCKDOWN' लगाने का निर्देश, जानें

संक्रमण में कमी के बावजूद किसी भी तरह की ढिलाई से बचते हुए संभावित आगामी लहरों को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा निर्देशों के उल्लंघन के कारण किसी भी क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर वहां तुरंत पाबंदियां लागू करनी होगी और इसके लिए वह प्रतिष्ठान, परिसर या दुकान आदि को ही जिम्मेदार माना जाएगा।

जांच की गति बनाए रखने की जरूरत

गृह सचिव ने कहा कि कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच की गति में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। संक्रमितों की समय से पहचान होने पर संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।

इस रणनीति से न हटे ध्यान

भल्ला ने कहा है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना के प्रसार को रोकने में कारगर पाई गई पांच स्तरीय रणनीति पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। उन्होंने टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोरोना से बचाव के आचरण को जारी रखने पर जोर दिया।

लेटर में आगे कहा गया…

लेटर में आगे कहा गया है कि देश के कई हिस्सों में कोरोना नियमों का उल्लंघन देखा जा रहा है। खासकर सार्वजनिक परिवहन और पहाड़ी क्षेत्रों में। बाजारों में भी भीड़ उमड़ रही है और सोशल डिस्टेंशिंग जैसे नियमों की अनदेखी हो रही है।

इस बीच कुछ राज्यों में R फैक्टर (रीप्रोडेक्शन नंबर) में वृद्धि चिंता की वजह है आप जानते हैं कि 1.0 से अधिक R फैक्टर कोरोना फैलाव की ओर संकेत करता है।

इसलिए यह अहम है कि सभी भीड़ वाले स्थानों जैसे दुकानों, मॉल्स, बाजार, मार्केट कॉम्पलेक्स, साप्ताहिक बाजार, रेस्टोरेंट, बार, मंडी, बस स्टेशन, रेलवे प्लैटफॉर्म, पार्कों, जिम, मैरिज ह़ल, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स आदि में कोरोना नियमों का पालन कराया जाए।

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