संविधान और धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा बढ़ा, बदलाव जरूरी है: भाकपा

भाकपा महासचिव डी. राजा ने संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघवाद पर बढ़ते खतरे का आरोप लगाते हुए कहा कि देश और जनता के लिए बदलाव जरूरी है।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: एक सितंबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) महासचिव डी. राजा ने मंगलवार को कहा कि देश में संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघवाद के लिए खतरे बढ़ रहे हैं तथा लोग बदलाव की राह देख रहे हैं।

उन्होंने रामलीला मैदान में पार्टी द्वारा आयोजित रैली में कहा कि ‘‘बदलाव जरूरी है’’-ये भाकपा का नारा नहीं, बल्कि भारत और जनता का नारा है।

भाकपा ने दिल्ली के रामलीला मैदान में बीते कई वर्षों में पहली बार अपने दम पर बड़ी रैली आयोजित की, जिसमें देशभर से हजारों पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

राजा ने आरोप लगाया, ‘‘जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, हमारा देश लगातार संकट में है। संकट और गहराता जा रहा है। संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघवाद के लिए खतरे बढ़ रहे हैं। लोग बदलाव की तलाश में हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘बदलाव जरूरी है’ भाकपा का नारा नहीं है, यह भारत का, यह जनता का नारा है।’’

भाकपा की राष्ट्रीय सचिव एनी राजा ने आरोप लगाया कि आरएसएस-भाजपा सरकार ऐसी नीतियां अपना रही है जिनसे कॉरपोरेट और पूंजीपतियों को फायदा हो रहा है जबकि आम लोगों और कमजोर वर्गों की अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज इस देश की फासीवादी आरएसएस-भाजपा सरकार आम लोगों के लिए नहीं है। यह कॉरपोरेट और पूंजीपतियों के लिए है। पूंजीपतियों को फायदा हो रहा है।’’

एनी राजा ने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदायों को विस्थापित किया जा रहा है और उनके खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मणिपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां प्रभावित लोगों में आदिवासी भी शामिल हैं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।