दिल्ली महिला आयोग ने नाबालिग के जबरन विवाह को रोका

News Aroma Media
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नई दिल्ली: देश में बाल विवाह एक अपराध है। सबसे हैरान करने वाली बात है कि दिल्ली जैसे शहर में भी अभी तक बच्चियों को बोझ समझकर नाबालिग उम्र में उनका विवाह करवाया जा रहा है।

ऐसी ही एक मामला दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके से सामने आया है जहां एक करीब 16 वर्षीय किशोरी का विवाह जबरन करवाया जा रहा था।

दिल्ली महिला आयोग को एक अज्ञात कॉल के जरिए जानकारी मिली कि लड़की का विवाह समारोह चल रहा है।

शिकायतकर्ता से जानकारी मिलते ही आयोग ने तुरंत एक टीम मौके पर भेजी। वहां पहुचने पर पाया गया कि लड़की के विवाह का कार्यक्रम चल रहा था और कार्यक्रम में काफी लोग शामिल थे।

आयोग की टीम ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पुलिस के साथ विवाह स्थल पर पहुंची।

जब लड़की के परिवार वालों से लड़की के प्रमाण पत्र मांगे गए तो वो कागज दिखाने में काफी समय तक हिचकिचाते रहे।

उसके बाद जब टीम ने लड़की के कागज देखे तो टीम ने पाया कि लड़की नाबालिग है और उसका विवाह गैर कानूनी है।

टीम द्वारा लड़की और उसके परिवार वालों को कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया और वहां सभी के बयान दर्ज किए गए। बयान के बाद लड़की का मेडिकल कराया गया और घटना की जानकारी बाल कल्याण समिति को दी गई।

आयोग की कार्यवाही के बाद लड़की को शेल्टर होम में छोड़ा गया और अब लड़की को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा जिसके बाद समिति के आदेशों के बाद पुलिस आगे की कार्यवाही करेगी।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, इस मामले की जानकारी हमें हमारी हेल्पलाइन 181 से मिली।

शिकायतकर्ता ने बताया कि लड़की को बचाने के लिए बहुत कम समय है क्योंकि उसका जबरन विवाह करवाया जा रहा है।

हमारी टीम जरा भी देर न करते हुए तुरंत मौके पर पहुंची और लड़की का विवाह रुकवाया।

उन्होंने कहा, बड़ा दुख होता है जब छोटी बच्चियों को इस प्रकार शादी के बंधन में बांध दिया जाता है।

दिल्ली महिला आयोग सतर्क है और दिन रात दिल्ली में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई लड़ रहा है।

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