राज्यसभा में उठी कोरोना काल में UPSC परीक्षा नहीं दे पाने वाले छात्रों को मौका देने की मांग

News Aroma Media
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नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) के एक सदस्य ने कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल कई परीक्षार्थियों के संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया और ऐसे उम्मीदवारों को एक और मौका दिए जाने की मांग की।

 आप सदस्य संजय सिंह ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई परीक्षार्थी खुद ही कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे, जबकि कई उम्मीदवारों के परिवारों के सदस्य संक्रमित हो गए थे।

उन्होंने कहा कुछ ऐसे भी मामले हैं, जिनमें परीक्षार्थियों के परिवारों के सदस्यों की मौत इस महामारी के कारण हो गई।

सिंह ने कहा कि परीक्षा नहीं दे पाने वाले कई उम्मीदवार डॉक्टर, पुलिसकर्मी और अन्य सेवाओं में हैं और वे महामारी के दौरान भी सेवा में लगे हुए थे।

उन्होंने सरकार से मांग की कि वह ऐसे उम्मीदवारों के भविष्य को लेकर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए और उन्हें एक और मौका दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय में भी कहा था कि वह इस संबंध में विचार कर रही है।

शून्यकाल में ही भाजपा के बृजलाल ने महात्मा बुद्ध से संबंधित स्थान कपिलवस्तु का जिक्र किया और उसे विकसित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु में खुदाई में स्तूप के अलावा कुछ अस्थियां भी मिली थीं जिन्हें संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है। बृजलाल के अनुसार, कहा जाता है कि ये अस्थियां भगवान बुद्ध की हैं।

उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु नेपाल की सीमा के पास है, लेकिन वहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

ऐसे में वहां ठहरने की पर्याप्त सुविधा विकसित करने के अलावा हवाई पट्टी का भी निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे बड़ी संख्या में बाहर से लोग आ सकें।

इससे रोजगार सृजन होने के साथ साथ उस क्षेत्र का पिछड़ापन भी दूर होगा।

शून्यकाल में ही बीजू जनता दल (बीजद) के प्रसन्न आचार्य ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों के बढ़ने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने विभिन्न आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों के बाद भी ऐसे अपराधों में वृद्धि हो रही है जो चिंता की बात है।

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