
Increased Concern Over Farmers’ Schemes : राज्य में ई-KYC को लेकर जारी जिला-वार लक्ष्य और अब तक पूरे हुए आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। कई जिले अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं।
इसका सीधा असर किसानों और अन्य लाभुकों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। प्रशासन की चिंता यह है कि अगर समय पर ई-KYC पूरी नहीं हुई, तो कई लोगों को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।
योजनाओं का लाभ ई-KYC से जुड़ा
सरकारी योजनाओं (Government Schemes) से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ई-KYC अधूरी रहने की स्थिति में किसानों को PM किसान सम्मान निधि, राज्य किसान सहायता योजना, बीज अनुदान, फसल बीमा, खाद-बीज Subsidy और आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।
ई-KYC पूरा होने के बाद ही सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। जिन किसानों की ई-KYC लंबित है, उनकी किस्त रुक सकती है या नाम सूची से हटने का खतरा भी रहता है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है ई-KYC
ई-KYC के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजनाओं का लाभ सही और वास्तविक किसानों तक पहुंचे। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगती है और पारदर्शिता बनी रहती है। इसलिए सरकार लगातार किसानों से ई-KYC जल्द पूरा कराने की अपील कर रही है।
कई जिलों में लक्ष्य से पीछे स्थिति
विभागीय आंकड़ों के अनुसार धनबाद, जामताड़ा, रामगढ़, पलामू और रांची जैसे जिलों में ई-KYC का लक्ष्य तो अधिक है, लेकिन पूर्णता का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है। कुछ जिलों में लक्ष्य के मुकाबले आधे से भी कम ई-KYC पूरी हो पाई है।
वहीं कोडरमा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में लक्ष्य के बराबर ई-KYC पूरी होने से स्थिति बेहतर मानी जा रही है।
पीछे रहने के कारण
प्रशासन का मानना है कि तकनीकी दिक्कतें, नेटवर्क की समस्या, जागरूकता की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में ई-KYC शिविरों की कमी इसकी बड़ी वजह है। कई किसानों को अब भी ई-KYC की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने किसानों से Appeal की है कि वे नजदीकी प्रज्ञा केंद्र, बैंक या शिविर में जाकर जल्द से जल्द अपनी ई-KYC पूरी कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे।
