चोटिल दिव्यांशी के तेवर नरम पड़े, एशियाड से बाहर करने का फैसला स्वीकार किया

चोट के कारण एशियाई खेलों की टीम से बाहर हुई दिव्यांशी चौधरी के तेवर नरम पड़े, उन्होंने महासंघ का समर्थन स्वीकार किया और 2030 एशियाई खेलों की तैयारी पर ध्यान दिया।

Neeral Prakash
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नयी दिल्ली: वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने चोट के कारण एशियाई खेलों की टीम से बाहर किए जाने के बाद खेल के राष्ट्रीय महासंघ के खिलाफ अपना गुस्सा उतारा था लेकिन अब उनके तेवर नरम पड़ गए हैं और उन्होंने कहा कि उन्हें इस खेल संस्था का पूरा समर्थन मिल रहा है।

खेल मंत्रालय ने 22 अगस्त को जो सूची जारी की थी उसमें दिव्यांशी को आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए सात सदस्यीय वुशु टीम में शामिल किया गया था। लेकिन उनके चोटिल हो जाने के बाद उनकी जगह एशियाई खेलों की दो बार की पदक विजेता नोरम रोशिबिना देवी को महिला 60 किलोग्राम वर्ग में शामिल किया गया।

दिव्यांशी ने इससे पहले एक वीडियो में दावा किया था कि डॉक्टरों ने चोट के बावजूद उन्हें एशियाई खेलों में भाग लेने की अनुमति दे दी थी, लेकिन एक नए वीडियो में उन्होंने भारतीय वुशु महासंघ (डब्ल्यूएआई) के फैसले को स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे फेडरेशन ने मुझे समझाया कि फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण है ताकि मैं भविष्य में भारत के लिए पदक जीत सकूं। मैं सोच रही थी कि फेडरेशन मेरा साथ नहीं दे रहा है लेकिन अब मुझे समझ आ गया है कि वह मेरे साथ है और 2030 में होने वाले एशियाई खेलों के लिए मुझे अपना पूरा समर्थन देगा।’’

दिव्यांशी ने कहा, ‘‘महासंघ चाहता है मैं चोट से पूरी तरह उबर जाऊं और फिर वापसी करूं। पहले मुझे यह बात समझ नहीं आई। यहां तक कि खेल मंत्री (मनसुख मांडविया) ने भी मुझे चोट से उबरने के महत्व को समझाया।’’
हालांकि उन्होंने दावा किया कि उनकी जगह लेने वाली नोरम रोशिबिना देवी ने उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया।
दिव्यांशी ने आगे कहा, ‘‘रोशिबीना ने मुझे और मेरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि एक खिलाड़ी इस हद तक गिर सकती है। जून से लेकर अब तक वह लगातार मुझे और मेरे परिवार को परेशान कर रही है।’’

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।