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भारतीय GDP के मजबूत आंकड़ों के कारण घरेलू शेयर मार्केट में रही तेजी और…

Share Market: वै‎श्विक बाजार (Global market) के मजबूत रुख के बीच स्थानीय स्तर पर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मजबूत आंकड़ों की बदौलत बीते सप्ताह करीब ढाई प्रतिशत की तेजी में रहे घरेलू शेयर बाजार (Domestic Stock Market) की इस सप्ताह रिजर्व बैंक (RBI) की होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा के निर्णय के साथ भारत, अमेरिका और चीन के सेवा PMI आंकड़ों पर नजर रहेगी।

विश्लेषकों के अनुसार महंगाई (Dearness) में कमी आने से यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) के दर वृद्धि चक्र को समाप्त करने की उम्मीद में वैश्विक बाजारों में तेजी का रुख देखा गया।

घरेलू बाजार को वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में GDP के मजबूत आंकड़ों और विनिर्माण गतिविधि में उल्लेखनीय उछाल से पर्याप्त बढ़ावा मिला।

आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बाजार ने अपनी जीवंतता बनाए रखी, जिसे टाटा टेक्नोलॉजी की शानदार लिस्टिंग ने उजागर किया। इससे जोखिम भरी संपत्तियों में निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

पिछले सपताह मिडकैप और स्मॉलकैप ने लचीला रुख दिखाया। निवेशक सरकारी खर्च और बढ़ी हुई खपत के बारे में आशावान बने हुए हैं। मुद्रास्फीति में कमी से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। OPEC Plus के आपूर्ति में कटौती करने के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही।

भारतीय GDP के मजबूत आंकड़ों के कारण घरेलू शेयर मार्केट में रही तेजी और… - Due to strong Indian GDP data, there was a rise in the domestic stock market and…

06 से 08 दिसंबर को होने वाली है समीक्षा बैठक

साथ ही बाजार की तेजी बनाए रखने में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल ने भी सकारात्मक योगदान दिया। इससे मौजूदा केंद्र सरकार के प्रति निवेशकों की भावनाएं मजबूत रही।

बाजार के जानकारों के मुता‎बिक इस सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिका, भारत और चीन में जारी होने वाले सेवा क्षेत्र के PMI आंकड़ों पर रहेगी।

भारतीय GDP के मजबूत आंकड़ों के कारण घरेलू शेयर मार्केट में रही तेजी और… - Due to strong Indian GDP data, there was a rise in the domestic stock market and…

साथ ही अगले सप्ताह 06 से 08 दिसंबर को RBI की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक (Monetary Policy Review Meeting) होने वाली है। इसमें नीतिगत दरों को यथावत रखने की संभावना है।

इससे विकास परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव हो सकता है। इसके अलावा नवंबर में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी बाजार में सकारात्मक गति जारी रहने का संकेत देती है।

FII ने इस वर्ष पिछले लगातार तीन महीने अगस्त, सिंतबर और अक्टूबर में जबरदस्त बिकवाली के बाद नवंबर में 5,795.05 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की है। FII अगस्त में 20,620.65 करोड़ रुपये, सितंबर में 26,692.16 करोड़ रुपये और अक्टूबर में 29,056.61 करोड़ रुपये के बिकवाल रहे।

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