डोरंडा पोस्ट ऑफिस गबन केस में CBI कोर्ट का फैसला, साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपी बरी

डोरंडा पोस्ट ऑफिस गबन मामले में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपी बरी, नोटबंदी से जुड़े मामले में लंबे ट्रायल के बाद राहत मिली

Archana Ekka
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Doranda Post Office Embezzlement case : रांची के डोरंडा हेड पोस्ट ऑफिस में नोटबंदी के दौरान हुए कथित गबन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ट्रायल का सामना कर रहे तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

बरी किए गए आरोपियों में तत्कालीन कार्यवाहक पोस्टमास्टर डोमिनिक जोसेफ मिंज, शिव रंजन प्रसाद उर्फ शियो रंजन प्रसाद और चेपो उरांव शामिल हैं।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के अनुसार, नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान आरोपियों पर आपसी साजिश कर सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाया गया था।

आरोप था कि शिव रंजन प्रसाद ने करीब 3.35 लाख रुपये तथा अन्य दो आरोपियों ने लगभग 1.49 लाख रुपये का गबन किया।

यह मामला पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों के प्रबंधन और कैश मिलान में गड़बड़ी से जुड़ा था। इस संबंध में सीबीआई ने जनवरी 2018 में प्राथमिकी दर्ज की थी।

हालांकि, सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं होने के कारण अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।