अनुराग कश्यप के सहयोग से बनी मराठी फिल्म ‘गाड़ी’ का धर्मशाला फिल्म महोत्सव में होगा प्रीमियर

अनुराग कश्यप के सहयोग से बनी मराठी साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘गाड़ी’ का प्रीमियर धर्मशाला फिल्म महोत्सव में होगा। रोहन पिंगल की पहली फीचर फिल्म खामोशी और अनकही बातों की कहानी सुनाएगी।

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नई दिल्ली: फिल्मकार अनुराग कश्यप के सहयोग से बनी मराठी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म ‘गाड़ी’ का प्रीमियर धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (डीआईएफएफ) में होगा। फिल्म में राज साने के साथ किशोर कदम, शिरीष कुलकर्णी, शबनम नाड और हेडेलिन डी पोंटेवेस ने अभिनय किया है। इसकी कहानी कोंकण के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक शोकाकुल पिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे इस बात का एहसास होता है कि उसके पास अपनी इच्छा से फैसले लेने की स्वतंत्रता नहीं है।

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फिल्म का निर्माण रंजन सिंह, अनुराग कश्यप और राजेंद्र पिंगल ने किया है। यह फिल्मकार रोहन पिंगल की पहली फीचर फिल्म है। उन्होंने इसकी पटकथा लिखने के साथ निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी की जिम्मेदारी भी संभाली है। फिल्म की शूटिंग कोंकण क्षेत्र, सांगली और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में की गई है। इसका संगीत अंकुश बोराडकर ने तैयार किया है। पिंगल ने एक बयान में कहा कि फिल्म सवाल ज्यादा उठाती है और उनके जवाब कम देती है। यह खामोशी और अनकही बातों के बीच अपनी कहानी कहती है।

उन्होंने कहा, “हम चाहते थे कि दर्शक फिल्म को समझने के बजाय उसे महसूस करें।” पिंगल ने फिल्म के निर्माण में अनुराग कश्यप और रंजन सिंह के सहयोग के लिए उनका आभार भी जताया। उन्होंने कहा, “अनुराग और रंजन सर ने शुरुआत से ही हमारा साथ दिया। उनके भरोसे ने हमें फिल्म को उसी तरह बनाने की स्वतंत्रता दी, जैसा हम इसे महसूस करते थे।” कश्यप ने कहा कि पिंगल का नजरिया नया है और उनकी फिल्म निर्माण की प्रचलित परंपराओं को चुनौती देती है। कश्यप ने कहा कि वह फिल्म महोत्सव में दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्सुक हैं। धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 29 अक्टूबर से शुरू होकर एक नवंबर तक चलेगा।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।