ब्रिटिशकालीन विरासत स्थलों को संरक्षित करने की जरूरत, राज्य गंभीरता से इस पर काम करें : शेखावत

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ब्रिटिश काल की इमारतों और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों से विरासत धरोहरों को बचाने के लिए गंभीर पहल की अपील की।

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नई दिल्ली: केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि ब्रिटिश काल में बने जिला कलेक्ट्रेट, अदालतें, अस्पताल भवन, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को संरक्षित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यों से इस दिशा में ‘‘अधिक गंभीरता’’ के साथ कदम उठाने का आग्रह किया। शेखावत केंद्रीय पर्यटन मंत्री भी हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्य रूप से प्राचीन स्थलों के संरक्षण पर ध्यान देने वाले विरासत संपत्तियों के संरक्षकों को ब्रिटिश काल की इमारतों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वे भी पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित हो सकती हैं।

इस पर शेखावत ने कहा, ‘‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन 3,686 राष्ट्रीय महत्व के स्थल हैं। इसके अलावा लगभग सभी राज्यों के अपने-अपने पुरातत्व विभाग हैं और प्रत्येक राज्य के पास सूचीबद्ध स्थल एवं संपत्तियां हैं, जिनके रखरखाव की जिम्मेदारी उन्हीं की है।’’ मंत्री ने कहा कि कई किले, महल और ब्रिटिश काल की इमारतें एवं स्थल राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किए जा चुके हैं और उनका संरक्षण संबंधित राज्य सरकारों की ‘‘जिम्मेदारी’’ है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।