
रांची : आज नामकुम स्थित झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में उन्नत संगणना एवं अनुप्रयोगों पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीएसीए–2026 का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया।
संजय सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि आज के युग में उन्नत संगणना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक राष्ट्र के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से तकनीकी और डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों को अपने विचारों और शोध को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड में इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन राज्य के लिए गौरव की बात है। इससे राज्य में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिलेगी तथा युवाओं को आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त होगी।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित दूरसंचार अभियंत्रण संस्थान, नई दिल्ली के अध्यक्ष सुनील ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन अधिगम और आंकड़ा विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति हो रही है। ऐसे सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान और नए अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) डी० के० सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह सम्मेलन शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच है।
सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो० (डॉ०) जे० के० मंडल ने बताया कि दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, शिक्षाविद और शोधकर्ता भाग ले रहे हैं, जहां उन्नत संगणना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा विश्लेषण और आधुनिक तकनीकों से संबंधित कई महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस अवसर पर पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो० (डॉ०) रंजीत कुमार सिंह, मलेशिया से आए शिक्षाविद डॉ० सी० नावा तथा दूरसंचार अभियंत्रण संस्थान के टीपीओसी के अध्यक्ष डॉ० शिव कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उद्घाटन सत्र में अतिथियों के संबोधन के साथ-साथ तकनीकी विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन के दूसरे दिन समापन सत्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षाविद अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मेलन रांची को अंतरराष्ट्रीय शोध और तकनीकी मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आई इ टी इ रांची चैप्टर के सचिव प्रो० (डॉ०) विजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं बल्कि विचार, अनुसंधान और नवाचार का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों तक देश-विदेश के विद्वानों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के बीच गहन चिंतन-मंथन होगा, जिसमें एडवांस्ड कम्प्यूटिंग एंड एप्लीकेशंस के क्षेत्र में कई नए विचार और नवाचार सामने आएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सम्मेलनों से न केवल तकनीकी शोध को नई दिशा मिलती है बल्कि युवाओं और शोधार्थियों को भी आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। प्रो० (डॉ०) विजय सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन से निकले विचार और शोध विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और तकनीकी आत्मनिर्भरता को और मजबूती देंगे।
