
Gumla Drug Smuggling : गुमला में नशा तस्करी के एक बड़े मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। यहां 108 किलो गांजा बरामद किए जाने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। मामले की अंतिम सजा 22 अप्रैल को सुनाई जाएगी।
यह घटना उस समय की है जब पुलिस ने घाघरा चांदनी चौक के पास एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया था। जांच के दौरान एक बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कार को रोका गया, लेकिन उसमें सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की, लेकिन कार देवाकी बाबाधाम के पास एक मोड़ पर पेड़ से टकरा गई।
हादसे के बाद कार में बैठे दोनों युवक भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित कुमार पांडेय (रोहतास, बिहार) और राज सिंह (जौनपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वाहन में गांजा की बड़ी खेप छिपाई गई थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कार की तलाशी ली गई, जिसमें चार अलग-अलग बोरों में कुल 108 किलो गांजा बरामद हुआ। इसमें बोरा A और D में 30-30 किलो, जबकि बोरा B और C में 24-24 किलो गांजा पाया गया।
बरामद नशे की यह खेप लाखों रुपये की बताई जा रही है। पुलिस ने वाहन को भी जब्त कर लिया था और दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में तेजी से सुनवाई हुई। अब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्र ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय रजक ने प्रभावी पैरवी की।
अब सभी की नजर 22 अप्रैल को आने वाले अंतिम सजा के फैसले पर टिकी है, जिसमें अदालत दोनों दोषियों को सजा सुनाएगी।

