सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार से पूछा सवाल, 7.75 लाख करोड़ माफ तो फिर नाम बताने से कतरा क्यों रही सरकार

सांसद हनुमान बेनीवाल ने 7.75 लाख करोड़ रुपये के कॉरपोरेट ऋण बट्टे खाते में डालने पर सरकार से सवाल किया। उन्होंने बड़े कर्जदारों के नाम सार्वजनिक नहीं करने पर जवाब मांगा।

Razi Ahmad
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नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान कॉरपोरेट लोन के बट्टे खाते में जाने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजलाक हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में पूछे गए अपने एक लिखित प्रश्न का जवाब आने के बाद सीधे मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

बेनीवाल ने सवाल उठाया है कि जब आम आदमी से लेकर किसानों पर बकाया वसूलने के लिए बैंक हर तरह के सख्त कदम उठाते हैं, तो लाखों करोड़ रुपये दबाकर बैठे कॉरपोरेट घरानों के नाम उजागर करने से सरकार पीछे क्यों हट रही है?

लोकसभा में सांसद हनुमान बेनीवाल की ओर से पूछे गए सवाल का लिखित जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बड़े उद्योगों और सेवा क्षेत्र से जुड़े बड़े उधारकर्ताओं के 7.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण बट्टे खाते में डाल दिए हैं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।