
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से अंधविश्वास और क्रूरता की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गांव में अष्टमी की रात एक मां ने महिला तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी ही मासूम बच्ची की हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बच्ची की मां रेशमी देवी, महिला तांत्रिक भगतनी और उसके सहयोगी भीमराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बेटे को ठीक करने के लिए दी बेटी की बलि
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेशमी देवी का बेटा बीमार था। उसे ठीक कराने के लिए वह एक महिला तांत्रिक के संपर्क में आई। तांत्रिक ने अंधविश्वास का जाल बुनते हुए उसे उसकी ही बेटी की बलि देने के लिए तैयार कर लिया।
अष्टमी की रात, जब पूरा गांव पूजा और उत्सव में व्यस्त था, उसी समय इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया गया।
मां ने पकड़े थे बच्ची के पैर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के दौरान बच्ची की मां ने ही उसके पैर पकड़ रखे थे, जबकि तांत्रिक ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। बच्ची तड़पती रही, लेकिन आरोपियों को उस पर जरा भी दया नहीं आई।
खून से की गई पूजा, बगीचे में फेंका शव
हत्या के बाद बच्ची के खून से कथित तौर पर पूजा की गई और फिर उसके शव को बगीचे में फेंक दिया गया। बाद में पुलिस ने शव बरामद कर मामले की जांच शुरू की।
एसआईटी ने किया खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया। टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
