रांची : बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े चर्चित मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब 24 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश होंगे। इसी दिन मामले में आरोप गठन को लेकर सुनवाई होगी। सोमवार, 21 सितंबर को मुख्यमंत्री की ओर से एएजी अच्युत केशव अदालत में उपस्थित हुए। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई। इससे पहले हाईकोर्ट में इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन खारिज होने के बाद मुख्यमंत्री को 19 सितंबर को पीएमएलए कोर्ट में पेश होना था। हालांकि, उनकी ओर से अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हवाला देते हुए पेशी से असमर्थता जताई थी। इसके बाद विशेष अदालत के न्यायाधीश योगेश कुमार ने 21 सितंबर को पेशी की तारीख तय की थी।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी पेशी में राहत
बड़गाई की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में विशेष अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आईए दाखिल की थी। 18 सितंबर को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।

डिस्चार्ज पिटीशन भी हो चुकी है खारिज
पीएमएलए की विशेष अदालत ने 8 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी थी। अदालत ने ईडी की ओर से प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला बनने की बात कही थी। इस आदेश को मुख्यमंत्री की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मुख्यमंत्री की ओर से क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल कर विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने और आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसी मामले में 19 सितंबर को पीएमएलए कोर्ट में पेशी से राहत के लिए अलग से आईए भी दाखिल की गई थी।
कई आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन
बड़गाई जमीन मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, विजेंद्र सिंह और संजीत कुमार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है।


