ईस्टर युद्धविराम के बाद रूस और यूक्रेन में फिर से शांति की उम्मीद, पुतिन का यूक्रेन के साथ शांति वार्ता का प्रस्ताव

News Post
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Putin proposes Ukraine peace talks : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फरवरी 2022 के आक्रमण के बाद पहली बार यूक्रेन के साथ शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है।

इससे पहले, पुतिन ने ईस्टर के अवसर पर 30 घंटे के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, जिसका दोनों पक्षों ने उल्लंघन करने का आरोप लगाया। अब पुतिन ने दोबारा युद्ध रोकने की पेशकश की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

जेलेंस्की ने सोमवार रात अपने वीडियो संदेश में कहा, “यूक्रेन नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने के लिए किसी भी सार्थक बातचीत के लिए तैयार है। हम मास्को से स्पष्ट जवाब की उम्मीद करते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिना शर्त युद्धविराम के बाद “वास्तविक और स्थायी शांति” संभव है। जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, “यूक्रेन का जवाब हमेशा कार्रवाई पर आधारित होगा। युद्धविराम का जवाब युद्धविराम से और हमलों का जवाब आत्मरक्षा से दिया जाएगा।”

पुतिन ने रूसी सरकारी टीवी पर पत्रकार पावेल ज़ारुबिन से कहा, “मॉस्को शांति पहल के लिए खुला है और कीव से भी यही अपेक्षा रखता है।” क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि पुतिन का इशारा यूक्रेनी पक्ष के साथ नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने की दिशा में बातचीत की ओर था।

दोनों नेताओं पर शांति वार्ता के लिए अमेरिका का दबाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर रूस और यूक्रेन शांति की दिशा में कदम नहीं उठाते, तो अमेरिका इस प्रक्रिया से हट सकता है। हालांकि, रविवार को ट्रंप ने आशावादी रुख अपनाते हुए कहा कि इस सप्ताह दोनों पक्षों के बीच समझौता हो सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी यही रुख दोहराया।

यूक्रेन बुधवार को लंदन में अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ वार्ता में शामिल होगा। यह चर्चा पिछले सप्ताह पेरिस में हुई बैठक का हिस्सा है, जहां तीन साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने के उपायों पर विचार हुआ था।

रूस की मांगों में यूक्रेन द्वारा रूसी दावे वाली जमीन सौंपना और स्थायी तटस्थता स्वीकार करना शामिल है। दूसरी ओर, यूक्रेन नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने के अपने प्रस्ताव पर अडिग है। दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत 2022 की शुरुआत के बाद से नहीं हुई है, लेकिन यह नया प्रस्ताव शांति की दिशा में एक कदम हो सकता है।

Share This Article