रांची में छठ महापर्व को लेकर जारी गाइडलाइन के विरोध में पानी में खड़े होकर विरोध जताया

रांची: झारखंड सरकार की ओर से छठ महापर्व को लेकर जारी गाइडलाइन के विरोध में रांची के सभी भाजपा जनप्रतिनिधियों ने डोरण्डा स्थित बटन तालाब में एक घंटे पानी में खड़े होकर विरोध जताया।

मौके पर रांची के सांसद संजय सेठ, विधायक चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, नवीन जायसवाल, समरी लाल और रांची के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गी उपस्थित थे।

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सांसद संजय सेठ ने कहा कि झारखंड सरकार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। वह भी छठ जैसे महापर्व को लेकर छठ में भगवान सूर्य को अर्घ्य तालाब और नदियों में ही दिया जाता है।

उसको सरकार कैसे रोक सकती है। कोविड की आड़ में सरकार कांग्रेस की सह पर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। सरकार का कहना है घरों में ही छठ पर्व करें यह कैसे संभव है।

सरकार सभी के घरों के आगे गड्ढे करवा दें उसमें पानी डलवा दें लेकिन यह संभव नहीं है। क्योंकि सरकार पीने का पानी तो ठीक से नहीं दे पा रही है, तो गड्ढा में पानी कहां से आएगा और यह संभव भी नहीं है।

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सरकार हठधर्मिता छोड़े और जिस इलाके में तालाब या नदियां है उसके आसपास के लोगों को छठ करने की अनुमति दे। सरकार सभी तलाव और नदियों में व्यवस्था सुनिश्चित करें छठ हर हाल में तलाव या नदियों में होगा।

सरकार नई गाइडलाइन जारी करे। चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के तहत अल्पसंख्यकों को खुश करने के चलते बहुसंख्यक के पर्व त्योहार में भेदभाव कर रही है। कांग्रेस और राजद के इशारे पर इस तरह के फरमान जारी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री खुद चुनाव में हजारों लोगों के भीड़ को संबोधित कर सकते हैं। जनाजे में हजारों की संख्या से ऊपर की भीड़ में शामिल होते हैं । उर्स में शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ा कर चादर चढ़ा सकते हैं, तो आस्था का महापर्व पर हिंदू तालाब या नदियों परअर्घ्य क्यों नहीं दे सकता।

राज्य सरकार पप्पू की पार्टी के इशारे पर काम करना बंद करे, क्यों मुख्यमंत्री झारखंड के पप्पू बनना चाहते हैं। हिंदुओं पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं की जाएगी जो हिंदू हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा।

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