पुरुषों में बढ़ रही इनफर्टिलिटी की समस्या, 40 से कम उम्र के हर 8वें पुरुष में कम हुआ स्पर्म काउंट

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली पुरुषों की प्रजनन क्षमता को तेजी से प्रभावित कर रही है। खानपान में कमी, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव इसके मुख्य कारण हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले 50 सालों में पुरुषों की फर्टिलिटी में भारी गिरावट आई है।

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sperm count: विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 40 साल से कम उम्र के हर आठ में से एक पुरुष में स्पर्म की संख्या सामान्य से कम पाई जा रही है। यह इनफर्टिलिटी की बढ़ती समस्या का प्रमुख कारण बन रहा है, जिसके चलते दंपति IVF जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

अनहेल्दी लाइफस्टाइल का असर

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली पुरुषों की प्रजनन क्षमता को तेजी से प्रभावित कर रही है। खानपान में कमी, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव इसके मुख्य कारण हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले 50 सालों में पुरुषों की फर्टिलिटी में भारी गिरावट आई है। गर्भधारण में दिक्कत के 40% मामलों में पुरुष जिम्मेदार पाए जा रहे हैं।

सामान्य स्पर्म काउंट से नीचे पहुंचा आंकड़ा

एक स्वस्थ पुरुष के सीमेन में प्रति मिलीलीटर कम से कम 15 मिलियन शुक्राणु होने चाहिए, लेकिन आज यह संख्या लगातार घट रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अनहेल्दी आदतें इस गिरावट की बड़ी वजह हैं।

स्पर्म क्वालिटी सुधारने के आसान उपाय

टमाटर का सेवन करें, इसमें मौजूद लाइकोपीन स्पर्म की गुणवत्ता और गतिशीलता को बेहतर करता है। टमाटर का सूप या सॉस इसके लिए फायदेमंद है।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक, रेगुलर एक्सरसाइज करने वालों के स्पर्म काउंट में 33% की बढ़ोतरी देखी गई।

इन चीजों से बचें

मोबाइल अधिक इस्तेमाल करने से बचें, ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

ल्यूब्रिकेंट्स के इस्तेमाल से बचें, इनमें मौजूद केमिकल्स स्पर्म क्वालिटी को प्रभावित करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि साधारण जीवनशैली में बदलाव लाकर पुरुष अपनी प्रजनन क्षमता को बेहतर कर सकते हैं और इनफर्टिलिटी की समस्या से निजात पा सकते हैं।

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