पृथ्वी की ओर तेजी से आ रहा है स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से तीन गुना बड़ा एस्टेरॉयड

Digital News
4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

वॉशिंगटन: स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से तीन गुना बड़ा ऐस्‍टरॉइड धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

इसकी गति से अध्ययन से पता चलता है कि यह ऐस्‍टरॉइड अगले माह पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि इस ऐस्‍टरॉइड का नाम 2021 एनवाई1 है।

यह पृथ्वी के निकट आने वाली उन 17 वस्तुओं में से एक है, जिन्हें पिछले 60 दिनों से वैज्ञानिक ट्रैक कर रहे हैं।

नासा के अनुसार इस ऐस्‍टरॉइड की लंबाई 300 मीटर और मोटाई 130 मीटर के आसपास है।

जबकि, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी केवल 93 मीटर ऊंची है। यह ऐस्‍टरॉइड वर्तमान में 33659 किमी प्रति घंटे की गति से चल रहा है।

वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई कि यह धरती से 1497473 किलोमीटर की दूरी से सुरक्षित गुजर जाएगा।

उदाहऱण के लिए चंद्रमा हमारी पृथ्वी से 384399 किमी की दूरी पर है। इस दूरी के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि यह हमारी पृथ्वी से कितनी दूर से गुजरने वाला है।

इसके 22 सितंबर को पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करने की उम्मीद है। इस बीच नासा एक और ऐस्‍टरॉइड की निगरानी कर रहा है।

इसका नाम 2021 क्यूसी-1 है। 160 मीटर लंबा और 71 मीटर मोटा यह छोटा ऐस्‍टरॉइड 1 सितंबर को पृथ्वी से तीन मिलियन मील से अधिक की दूरी से गुजर जाएगा।

इस महीने की शुरुआत में, नासा ने कहा कि एक नए अध्ययन ने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि ऐस्‍टरॉइड बेन्नू 2300 तक कभी भी पृथ्वी से टकरा सकता है।

एस्टरॉइड्स वे चट्टानें होती हैं, जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं, लेकिन ये आकार में ग्रहों से काफी छोटी होती हैं।

हमारे सोलर सिस्टम में ज्यादातर ऐस्टरॉइड्स मंगल ग्रह और बृहस्पति यानी मार्स और जुपिटर की कक्षा में ऐस्टरॉइड बेल्ट में पाए जाते हैं।

इसके अलावा भी यह दूसरे ग्रहों की कक्षा में घूमते रहते हैं और ग्रह के साथ ही सूरज का चक्कर काटते हैं।

करीब 4.5 अरब साल पहले जब हमारा सोलर सिस्टम बना था, तब गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए और पीछे छूट गए, वही इन चट्टानों यानी ऐस्टरॉइड्स में तब्दील हो गए।

यही वजह है कि इनका आकार भी ग्रहों की तरह गोल नहीं होता। कोई भी दो ऐस्टरॉइड एक जैसे नहीं होते हैं। नासा ने इस खतरनाक ऐस्‍टरॉइड की श्रेणी में रखा है।

यह ऐस्‍टरॉइड हाल के दिनों में आने वाले 5 में से तीसरा है। अनुमान है कि यह ऐस्‍टरॉइड दुबई के बुर्ज खलीफा इमारत के आकार का हो सकता है।

नासा इन दिनों दो हजार ऐस्‍टरॉइड पर नजर रखे हुए है जो धरती के लिए खतरा बन सकते हैं।

अगर किसी तेज रफ्तार स्पेस ऑब्जेक्ट के धरती से 46.5 लाख मील से करीब आने की संभावना होती है तो उसे स्पेस ऑर्गनाइजेशन्स खतरनाक मानते हैं।

नासा का सेंट्री सिस्टम ऐसे खतरों पर पहले से ही नजर रखता है। इसमें आने वाले 100 सालों के लिए फिलहाल 22 ऐसे ऐस्टरॉइड्स हैं जिनके पृथ्वी से टकराने की संभावना है।

Share This Article