लड़की का हाथ पकड़ प्यार का इजहार करना गलत नहीं, कोर्ट ने कहा- आरोपी को मिलने चाहिए जमानत

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कोलकाता: आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जिसमें कॉलेज (College) के बाहर या किसी पार्क (Park) में या किसी रास्ते में कोई लड़का किसी लड़की को अपने प्यार का इजहार करता है जिसे आमतौर पर कभी-कभी छेड़खानी का भी नाम दे दिया जाता है।

हालांकि मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) ने छेड़खानी के एक आरोपी को जमानत (Bail) देते हुए कहा कि लड़की का हाथ पकड़कर प्यार का इजहार करना छेड़खानी नहीं हो।

सकता मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच (Nagpur Bench) में एक नाबालिग लड़की का हाथ पकड़कर उसे छेड़छाड़ करने के आरोपी को जमानत देते हुए यह बात कही।

लड़की का हाथ पकड़ प्यार का इजहार करना गलत नहीं, कोर्ट ने कहा- आरोपी को मिलने चाहिए जमानत It is not wrong to express love by holding a girl's hand, the court said – the accused should get bail

भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत किया गया था मामला दर्ज

जस्टिस भारती डांगरे (Justice Bharti Dangre) ने 10 फरवरी को आरोपी ऑटो रिक्शा चालक (Auto Rickshaw Driver) की गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका मंजूर कर ली। विस्तृत आदेश सोमवार को उपलब्ध कराया गया।

17 साल की लड़की के पिता ने आरोपी के खिलाफ यवतमाल के एक पुलिस स्टेशन (Police Station) में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद ऑटो रिक्शा चालक पर छेड़छाड़ के लिए भारतीय दंड संहिता से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

लड़की का हाथ पकड़ प्यार का इजहार करना गलत नहीं, कोर्ट ने कहा- आरोपी को मिलने चाहिए जमानत It is not wrong to express love by holding a girl's hand, the court said – the accused should get bail

यौन उत्पीड़न के जैसा कोई मामला नहीं

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी बेटी कुछ दिनों तक आरोपी के ऑटो रिक्शा से कॉलेज और ट्यूशन (Tution) जाती रही थी। जब उनकी बेटी ने ऑटो रिक्शा से जाना बंद कर दिया, तो आरोपी ने नाबालिग का पीछा करना शुरू कर दिया।

शिकायत में कहा गया है कि 1 नवंबर, 2022 को आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके लिए अपनी प्यार (Love) का इजहार किया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे घर छोड़ना चाहता था, लेकिन उसने जबरदस्ती नहीं की और मौके से भाग गई।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता पक्ष से लगाए गए आरोपों से ये देखा जा सकता है कि प्रथम दृष्टया, यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) का कोई मामला नहीं है।

आरोपी के लिए सुरक्षा का हकदार है कोर्ट

अदालत का कहना है कि एक पल के लिए हम मानते हुए कि उसने उसके लिए अपनी पसंद को व्यक्त किया। ना कि कोई गलत काम किया जो कि पीड़ित लड़की (Victim Girl) के बयान में यौन उत्पीड़न की मनसा जैसा कुछ भी नहीं बताया गया है।

इसमें सिर्फ अपनी भावनाओं को प्रकट करने का एक तरीके के बारे में बात की गई है। जिस कारण से आरोपी के लिए सुरक्षा का हकदार है कोर्ट (Court) ने आरोपी को चेतावनी दी है कि वह ऐसा दोबारा कभी नहीं करेगा।अगर उसने ऐसा किया तो उसकी जमानत वापस ले ली जाएगी जिसके बाद उसे रिहा कर दिया गया।

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