भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति से जुड़ा बुंदेली गीत ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। देसी अंदाज और लोक संगीत ने इसे खास बना दिया है।

पार्वती की जिद की कहानी कहता है गीत
फिल्म हनुमान अंश का बुंदेली भक्ति गीत ‘पार्वती’ माता पार्वती की उस दृढ़ इच्छा की कहानी को सामने लाता है, जिसमें वह भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने का संकल्प लेती हैं। गीत में पार्वती के प्रेम, तप और अटूट विश्वास को लोक शैली में प्रस्तुत किया गया है।
सप्तर्षियों का भी मिलता है खास प्रसंग
गीत की कहानी में सप्तर्षियों के आगमन का प्रसंग भी शामिल है। मान्यता के अनुसार, वे माता पार्वती को भगवान शिव से विवाह करने के विचार से दूर करने का प्रयास करते हैं। हालांकि, पार्वती अपने संकल्प पर अडिग रहती हैं। इसी प्रसंग को गीत में रोचक और भावपूर्ण अंदाज में पिरोया गया है।
बुंदेली लोक अंदाज ने बनाया खास
‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ की सबसे खास बात इसका बुंदेली लोक रंग है। गीत में पारंपरिक भाषा, लोक संगीत और कहानी कहने की शैली का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है। यही देसी अंदाज इसे सामान्य भक्ति गीतों से अलग पहचान देता है और श्रोताओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
100 मिलियन व्यूज के पार पहुंचा गीत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गीत YouTube पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसके संगीत और बुंदेली प्रस्तुति की चर्चा कर रहे हैं। गीत की लोकप्रियता बताती है कि लोकभाषा और पारंपरिक संगीत आज भी दर्शकों से गहरा जुड़ाव बना सकते हैं।
साधु एस. तिवारी ने संभालीं कई जिम्मेदारियां
‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ को साधु एस. तिवारी ने लिखा, गाया और कंपोज किया है। वहीं फिल्म हनुमान अंश का निर्देशन डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने किया है। गीत के जरिए धार्मिक कथा को बुंदेली संस्कृति और लोक संगीत के रंग में पेश करने की कोशिश की गई है।


