मुर्दा मैदान की प्रारंभिक सफाई से बस्तीवासियों में खुशी

जमशेदपुर के मुर्दा मैदान में कचरे की सफाई शुरू होने से स्थानीय लोगों को राहत मिली। दो साल से परेशान बस्तीवासियों ने विधायक सरयू राय की पहल की सराहना की।

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जमशेदपुर : शहर के मुर्दा मैदान में लंबे समय से जमा कचरे की प्रारंभिक सफाई होने के बाद आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। बीते दो वर्षों से मैदान की सफाई की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले स्थानीय निवासियों में रविवार को हुई कार्रवाई के बाद खुशी का माहौल है। बस्तीवासियों ने इस पहल के लिए जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की सराहना की है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके इस प्रयास की तारीफ कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि मैदान की नियमित सफाई सुनिश्चित होने से इलाके की स्थिति में सुधार आएगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मुर्दा मैदान में लंबे समय से कचरा जमा होने के कारण आसपास का पूरा इलाका प्रभावित हो रहा था। कचरे से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया था। गंदगी के बीच से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आसपास रहने वाले परिवारों के लिए यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही थी। इसके बावजूद लंबे समय तक सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाने से लोगों में नाराजगी थी।

बस्तीवासियों का कहना है कि मुर्दा मैदान की सफाई का मुद्दा नया नहीं है। पिछले दो वर्षों से स्थानीय लोग इस समस्या को उठाते रहे हैं। लोगों की मांग थी कि मैदान में जमा कचरे को हटाया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे दोबारा वहां कचरे का अंबार नहीं लगे। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गंदगी और दुर्गंध से परेशान लोगों को उम्मीद थी कि मानगो नगर निगम के अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेंगे और समय रहते कार्रवाई करेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। स्थानीय बस्तीवासियों के मुताबिक, इस मामले में विधायक सरयू राय ने पहले नगर निगम को मैदान की सफाई कराने के लिए सात दिनों की मोहलत दी थी। लोगों को उम्मीद थी कि निर्धारित समय के भीतर कचरा हटाने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी और उन्हें लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिलेगी। बस्तीवासियों का आरोप है कि सात दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। लोगों के अनुसार, कचरे के निस्तारण को लेकर भी कोई स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई। उनका कहना था कि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि मैदान से हटाए जाने वाले कचरे को आखिर कहां डाला जाए। इस स्थिति के बाद मैदान में जमा कचरे को हटाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बार-बार मांग उठाने और समय देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब गंदगी से परेशान बस्तीवासियों के सहयोग से कचरा हटाने की पहल की गई।

रविवार को मुर्दा मैदान की सफाई से जुड़े इस घटनाक्रम के दौरान कई वार्ड पार्षद और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इनमें वार्ड पार्षद हाजी नुरुल हक अंसारी, जेबा फरीन, इरफाना खातून और सनी मिर्जा के साथ आफताब अहमद सिद्दीकी, रियाज खान, अनवारुल हक, मंजर अहमद, अफसर नवाज, अख्तर खान, मोहम्मद इस्लाम, सोहेल खान, तारीक अनवर, मोहम्मद शाहिद, महफूज आलम, निसार खान, शोएब अख्तर, सुबोध कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार, कुलविंदर सिंह पन्नू, संजीव सिंह, शिरीन अख्तर, मुकेश कुमार, प्रवीण सिंह और विकास साहनी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।