सरायकेला-खरसावां में बढ़ा नदियों का जलस्तर, कई पुल-पुलिया डूबे

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सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में यास तूफान का खतरा अब टल गया है। गुरुवार सुबह से बारिश रुक-रुक कर हो रही है।

हालांकि, अब भी भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। यह संभावना जताई जा रही है कि बारिश हो सकती है।

उधर, 30 घंटे से अधिक समय से लगातार बारिश होने से जिले की सारी नदियां उफना गई हैं। सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

यह संभावना जताई जा रही है कि अभी नदी के जलस्तर में और इजाफा होगा।

नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण जिले के कई पुल-पुलिया डूब गए हैं, जिससे जिले में कई स्थानों पर आवागमन बाधित हो गया है।

सरायकेला तथा खरसावां को जोड़ने वाले गोविंदपुर पुलिया के ऊपर से करीब 7 फीट पानी बह रहा है, जबकि सरायकेला तथा राजनगर को जोड़ने वाले तितिरबिला पुल के ऊपर से पानी बह रहा है।

नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो कई और महत्वपूर्ण पुल डूब सकते हैं।

नदियों के जलस्तर बढ़ने तथा कई पुल पुलिया के डूब जाने की खबर के बाद एसडीओ समेत कई प्रशासनिक तथा पुलिस पदाधिकारियों द्वारा गुरुवार को विभिन्न पुलों का निरीक्षण किया गया तथा आम लोगों के सुरक्षा को लेकर कई दिशा निर्देश दिया।

नदी के जल स्तर बढ़ने के बीच आम लोगों का हुजूम भी नदी किनारे तथा पुल पुलिया के किनारे पहुंच रहा है।

किसी संभावित खतरे के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा डूबे हुए पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग तथा चौकसी की जा रही है।

एसडीओ रामकृष्ण कुमार खुद खरसावां तथा सरायकेला को जोड़ने वाले गोविंदपुर के डूबे पुलिया का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि तूफान का खतरा तो टल गया है लेकिन बारिश की अभी संभावना है।

जिससे नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोग अभी घरों में ही सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि नदी के जल स्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है तथा तटीय इलाके के लोगों के सुरक्षा को लेकर पुख्ता तैयारी की गई है।

डूबे हुए पुल के दोनों किनारे पर बैरिकेडिंग लगाई गई है तथा पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है ताकि कोई खतरा ना हो।

उन्होंने लोगों से भी अपील की है नदी के जल स्तर बढ़ने के बीच जो लोग सेल्फी आदि को लेकर मस्ती कर रहे हैं वह ऐसा जोखिम ना उठाएं। तूफान यास के कारण हुई बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।

सरायकेला होकर बहने वाली खरकई, संजय, सोना व शुरू नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।

संजय नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण खरसावां-सरायकेला मुख्य मार्ग पर खपरसाई स्थित पुलिया डूब गई है जिसपर करीब सात फीट ऊपर पानी बह रहा है।

इससे खरसावां व कुचाई प्रखंड का जिला मुख्यालय सरायकेला से संपर्क कट गया है।

जिला मुख्यालय सरायकेला में भी काफी अनियमित रूप से बिजली की आपूर्ति हो रही है। बिजली के फॉल्ट को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

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