
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन काफी अहम माना जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेगी। इस बार राज्य का बजट आकार करीब 1.62 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बताया जा रहा है। ऐसे में राज्य के विकास, कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक दिशा को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर खास नजर
सूत्रों के मुताबिक, इस बार के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था के विस्तार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। सरकार रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचा विकास और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर भी खास ध्यान दे सकती है। माना जा रहा है कि इस बजट में कई ऐसी घोषणाएं हो सकती हैं जो सीधे आम लोगों से जुड़ी हों।
दही खाकर निकले वित्त मंत्री, राज्यपाल से की मुलाकात
बजट पेश करने से पहले राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पारंपरिक अंदाज में दही खाकर अपने आवास से प्रस्थान किया। इसके बाद वे लोकभवन पहुंचे। उनके साथ वित्त सचिव प्रशांत कुमार भी मौजूद थे। लोकभवन में वित्त मंत्री ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की और उन्हें बजट दस्तावेज की एक प्रति सौंपी। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वे विधानसभा पहुंचे, जहां वे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश करेंगे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस बार का बजट “अच्छा” होगा, बस लोगों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं।
पिछले साल आया था ‘अबुआ बजट’
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसे ‘अबुआ बजट’ नाम दिया गया था। उस बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं, आधारभूत संरचना के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास फोकस किया गया था।
अब देखना दिलचस्प होगा कि 2026-27 का यह नया बजट झारखंड के विकास की रफ्तार को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।
