झारखंड के कई जिलों में फैक्टर-8 की किल्लत, स्वास्थ्य मंत्री से लगाई गुहार, मरीज कर रहे इंतजार

झारखंड के कई जिलों में हीमोफीलिया मरीजों के लिए जरूरी फैक्टर-8 दवा की कमी का मामला सामने आया। सामाजिक कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल आपूर्ति की मांग की है।

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रांची: झारखंड के कई जिला अस्पतालों में हीमोफीलिया-ए और हीमोफीलिया-बी के मरीजों के लिए जीवनरक्षक दवा फैक्टर-8 (Factor VIII) उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में दिव्यांग सह सामाजिक कार्यकर्ता संतोष कुमार जायसवाल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को पत्र लिखकर शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, चाईबासा, पलामू, गढ़वा, धनबाद और गोड्डा समेत कई जिलों के हीमोफीलिया डे-केयर सेंटरों में पिछले दो से तीन महीनों से फैक्टर-8 उपलब्ध नहीं है। इसके कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन हर बार जल्द दवा उपलब्ध होने का आश्वासन देता है, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी है।

साथ ही पत्र में उल्लेख किया है कि जानकारी के अनुसार दवा आपूर्ति करने वाली कंपनी निर्धारित समय पर फैक्टर की आपूर्ति नहीं कर रही है, जिससे मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और संबंधित अधिकारियों से मरीजों के हित में तत्काल फैक्टर-8 की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि आपूर्तिकर्ता कंपनी अनुबंध के अनुसार दवा उपलब्ध नहीं कराती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, दवा के अभाव में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है या मृत्यु होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों और कंपनी पर सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और उपचार का पूरा खर्च उपलब्ध कराया जाए।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।