
रांची: झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी जेटेट के आयोजन की मांग को लेकर प्रशिक्षित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश जारी है। अभ्यर्थी 16 मार्च को झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के बैनर तले पुराने विधानसभा भवन से नए विधानसभा तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालेंगे और धरना–प्रदर्शन करेंगे, जिससे राज्य सरकार पर परीक्षा तिथि घोषित करने का दबाव बनाया जाएगा।
संघ के सदस्यों का कहना है कि राज्य के गठन के 26 वर्षों में केवल दो बार ही जेटेट परीक्षा का आयोजन हुआ है, पहली बार 2013 में, और दूसरी बार 2016 में आयोदित की गयी थी। जबकि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के दिशानिर्देशों के अनुसार हर वर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करना अनिवार्य है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि अगस्त 2024 में लगभग 3 लाख उम्मीदवारों ने जेटेट के लिए आवेदन किया, लेकिन 18 महीने बीत जाने के बावजूद परीक्षा, नियमावली या सिलेबस जारी नहीं किया गया है।
इसके अलावा संघ ने बताया कि 2016 के बाद परीक्षा का आयोजन नहीं होने के कारण राज्य के लगभग 5 लाख से अधिक बीएड और डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी शिक्षक बनने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि हाल ही में हुई सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया में 26,001 पदों के मुकाबले केवल लगभग 10,000 पदों पर ही बहाली हुई, क्योंकि पर्याप्त पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हो सके।
इस मुद्दे पर झारखंड उच्च न्यायालय ने भी 31 मार्च तक परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश दिया है, लेकिन सरकार की ओर से फिलहाल कोई ठोस पहल नहीं दिखी है। अभ्यर्थियों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय में परीक्षा प्रक्रिया की फाइल पिछले चार महीनों से लंबित है।
पैदल मार्च और धरना प्रदर्शन में करीब 2,000 से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगा और इसका नेतृत्व चंदन कुमार, हरिकेश महतो और हेमंत पाठक जैसे संघ के पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
