… और इस तरह डालसा ने रुकवाई 16 साल की नाबालिक की शादी, 22 अप्रैल को…

News Aroma
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Dalsa Stop Minor Marriage : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) Ranchi की टीम के सूझबूझ भरे प्रयास से एक 16 साल की नाबालिग की शादी (Minor Marriage) रुक गई। नाबालिक की जिंदगी नरक होने  से बच गई।

मांडर कस्तूरबा स्कूल की छात्रा है बच्ची

जानकारी के अनुसार, Ranchi जिले के नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा पंचायत की 16 साल का बच्ची का परिजन बाल विवाह (Child Marriage) कराने जा रहे थे।

22 अप्रैल को शादी होनी थी। घर में तैयारी चल रही थी। उत्साह का माहौल था।

बच्ची मांडर कस्तूरबा (Mandar Kasturba) की छात्रा है। वह पिछले कई दिनों से स्कूल (School) नहीं जा रही थी।

इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन ने मांडर की PLB सुमन ठाकुर और पूनम देवी को दी। PLB ने गांव के मुखिया प्रतिनिधि बीरेंद्र उरांव को फोन कर बच्ची के संबंध में जानकारी मांगी।

इस तरह रुक गई शादी

बीरेंद्र ने बताया कि बच्ची के घर में शादी है, इसलिए वह स्कूल नहीं जा रही है।

प्रोजेक्ट इंपैक्ट के तहत बच्ची की उपस्थिति के लिए बच्ची से मिलने PLB उसके गांव पहुंची तो पता चला कि शादी उसी की है।

PLB ने तुरंत इसकी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन को दी।

सचिव ने न्यायायुक्त दिवाकर पांडे से बात की। उनके दिशा-निर्देश पर बाल विवाह रोकने का निर्देश दिया।

तुरंत BDO सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी मांडर और नारकोपी थाना प्रभारी को भी इसकी जानकारी दी गई। साथ ही कस्तूरबा स्कूल प्रबंधन, नरकोपी थाना की पुलिस, ग्रामीण, मुखिया प्रतिनिधि और PLB की उपस्थिति में बच्ची के परिजनों के साथ बैठक की गई।

बैठक में बच्ची के परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। इसके बाद बच्ची के परिवार वाले शादी रोकने को तैयार हो गए।

बच्ची ने आगे पढ़ने की जताई इच्छा

बच्ची ने भी आगे पढ़ने की इच्छा जताई है। टीम ने बच्ची को पुन: पढ़ाई के लिए कस्तूरबा स्कूल मांडर भेज दिया। इस तरह डालसा Ranchi के सहयोग से एक नाबालिग का बाल विवाह होने से बचाया जा सका।

Share This Article