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झारखंड में एक और नियुक्ति परीक्षा विवादों में, HC ने सरकार से मांगा जवाब

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Another Appointment Exam Controversy in Jharkhand : झारखंड में एक और नियुक्ति परीक्षा विवाद (Appointment Exam Controversy) की चपेट में आ गयी है। इस बार राज्य में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा विवादों में घिर गयी है।

दरअसल, स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के 3,120 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 2023 में परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के परिणामों में कुछ विशेष सेंटरों के परीक्षार्थियों की अत्यधिक सफलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

CBI जांच की मांग

इस गड़बड़ी को लेकर कई परीक्षार्थियों ने झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में रिट दायर की है और CBI जांच की मांग की है।

इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में होनी है। इस मुद्दे पर परीक्षार्थियों के एक समूह ने धरना-प्रदर्शन भी किया और मुख्यमंत्री से लेकर झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) को ज्ञापन सौंपे गये हैं।

सेंटरों पर उठे सवाल

परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सोशल मीडिया पर भी उठाये जा रहे हैं। चुने गये 481 Candidates ने बोकारो के एक ही सेंटर पर परीक्षा दी थी।

यह परीक्षा JSSC द्वारा CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में ली गयी थी और इसके लिए राज्य में कुल 24 सेंटर बनाये गये थे। इनमें से पांच सेंटरों से 1,500 Candidates सफल घोषित किये गये हैं, यानी कुल सफल कैंडिडेट्स में 48 प्रतिशत ने इन्हीं सेंटरों पर परीक्षा दी थी।

सफल घोषित 1,020 Candidates को सरकार ने लोकसभा चुनाव की घोषणा के पहले ही नियुक्ति पत्र दे दिया है। शेष 2,100 कैंडिडेट्स के प्रमाणपत्रों की जांच की प्रक्रिया अभी चल रही है।

याचिकाकर्ताओं की मांग

परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा और परिणाम में गड़बड़ी हुई है और वे नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित कर पूरी जांच की मांग कर रहे हैं।

बोकारो के श्रेया डिजिटल सेंटर से 481 कैंडिडेट्स के एक साथ उत्तीर्ण होने पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। फिजिक्स में 25 टॉपरों में 10, ज्योग्राफी के 13 में से 8, Biology के 11 में से तीन टॉपर इसी सेंटर के हैं। सफल परीक्षार्थियों में कई ऐसे हैं, जिनके रोल नंबर क्रमवार हैं।

अन्य विवादित सेंटर

इसी प्रकार, रांची के शिवा इन्फोटेक, फ्यूचर ब्राइट और टिस्टा टेक्नोलॉजी, और धनबाद के धनबाद डिजिटल सेंटर से भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी सफल हुए हैं।

इस मामले में बीरेंद्र कुमार सिंह और अन्य की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की बेंच ने JSSC को निर्देश दिया है कि CBT के डिजिटल डाटा के साथ प्रश्न, उत्तर और रिस्पॉन्स-की को सुरक्षित रखा जाये।

अदालत के निर्देश

अदालत ने राज्य सरकार और JSSC को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान कहा था कि बोकारो के श्रेया डिजिटल सेंटर से 481 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा पहले से ही फिक्स थी।

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