कुड़मी ST स्टेटस की मांग पर ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन

News Aroma
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Jharkhand Giridih News: झारखंड में कुड़मी समाज की ST (अनुसूचित जनजाति) स्टेटस और कुरमाली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की लड़ाई ने शनिवार को रेल ट्रैक पर आग लगा दी। आदिवासी कुड़मी समाज के बैनर तले ‘रेल टेका डहर छेका’ (रेल पकड़ो, रास्ता रोक दो) आंदोलन की शुरुआत हुई, और इसका सबसे बड़ा असर गिरिडीह के पारसनाथ स्टेशन पर दिखा।

सैकड़ों प्रदर्शनकारी सुबह ही ग्रैंड चॉर्ड लाइन – जो दिल्ली से गया-धनबाद होकर कोलकाता को जोड़ती है – पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए ट्रैक पर बैठ गए, जिससे घंटों जाम लग गया। दिल्ली-भुनेश्वर एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रुकी रहीं, और कुछ कैंसल हो गईं।

ट्रेनें रुकीं, यात्री परेशान, पारसनाथ पर सबसे बड़ा ब्लॉक

आंदोलनकारियों ने पारसनाथ के पास ट्रैक जाम कर दिया, जिससे हावड़ा-नई दिल्ली मेन लाइन पर सर्विसेज बुरी तरह प्रभावित हुईं। रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, टाटानगर-गुआ पैसेंजर समेत कई ट्रेनें कैंसल हो गईं।

रेलवे अफसरों के मुताबिक, झारखंड के 40 से ज्यादा स्टेशनों पर ये आंदोलन चल रहा है – रांची के राय, मूरी, ताटीसिलवे, मेसरा; बोकारो के चंद्रपुरा; धनबाद के प्रधान घंटा; और ईस्ट सिंहभूम के गलुडीह, वेस्ट सिंहभूम के सोनुआ, गोड्डा, जामताड़ा तक। वेस्ट बंगाल (पुरुलिया, झाड़ग्राम) और ओडिशा में भी 100 जगहों पर रेल रोको हो रहा है। यात्री प्लेटफॉर्म पर फंसे, कुछ घंटों से खड़े हैं। रेलवे ने अलर्ट जारी कर दिया – “यात्रा टालें, ट्रैफिक डिसरप्टेड।”

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, लेकिन निषेधाज्ञा (BNSS धारा 163) फेल साबित हुई। गिरिडीह DC रामनिवास यादव और SP डॉ. बिमल कुमार डुमरी में कैंप कर रहे थे। डुमरी SDPO सुमित कुमार, RPF ऑफिसर्स और भारी फोर्स तैनात थी। बैरियर लगाए गए, लेकिन आंदोलनकारी खेतों के रास्ते ट्रैक पर पहुंच गए।

DGP अनुराग गुप्ता ने पहले ही अलर्ट किया था – हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, सरायकेला, चाईबासा, पलामू, दुमका में एक्स्ट्रा फोर्स ड्यूटी पर।

जयराम महतो, यशोदा देवी समेत नेता ट्रैक पर

आंदोलन को राजनीतिक दलों का खुला सपोर्ट मिला। JLKM विधायक जयराम महतो ने कहा, “कुड़मी का संघर्ष जायज है, सरकार को सुनना चाहिए।” AJSU सेंट्रल जनरल सेक्रेटरी यशोदा देवी, ZP मेंबर बैजनाथ महतो, JLKM ब्लॉक प्रेसिडेंट अमित महतो, जितेंद्र महतो (मुखिया), जगेश्वर महतो (झामुमो), सुभाष महतो समेत कई नेता घंटों आंदोलनकारियों के साथ जमे रहे।

रामगढ़ में AJSU MP चंद्र प्रकाश चौधरी ने हीसलॉन्ग स्टेशन पर ट्रैक ब्लॉक किया। नेताओं ने चेतावनी दी – “केंद्र जब तक ST स्टेटस और कुरमाली भाषा को 8वीं शेड्यूल में नहीं डालता, आंदोलन अनवरत चलेगा।”

कुड़मी समाज का दावा है कि वे पहले ST लिस्ट में थे, लेकिन साजिश से हटा दिए गए। 2025 जनगणना में कुड़माली भाषा, कुड़मी जाति और आदिवासी धर्म लिखने का भी अपील कर रहे हैं। ये आंदोलन गांव-गांव कैंपेन से मोबिलाइज्ड हुआ – इसे “हिस्टोरिक” बता रहे हैं।

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