रांची सिविल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी शिक्षक को सुनाई 14 साल की सजा

News Aroma
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jharkhand News: सिविल कोर्ट ने 10 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी ट्यूशन शिक्षक मधुसूदन बैठा को 14 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

क्या है मामला?

पीड़िता ने 22 दिसंबर 2022 को रांची के सुखदेवनगर थाने में मधुसूदन बैठा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता अपनी सहेली के साथ नियमित रूप से आरोपी के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। घटना के दिन पीड़िता अकेली थी, क्योंकि उसकी सहेली नहीं आई थी।

पढ़ाने के बजाय, मधुसूदन ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ शुरू की और जबरन उसके कपड़े उतारने की कोशिश की। पीड़िता के विरोध के बावजूद उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

धमकी और शिकायत

वारदात के बाद, जब पीड़िता रोने लगी, तो आरोपी ने उसे धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। घर पहुंचने के बाद, मधुसूदन ने पीड़िता को फोन कर दोबारा आने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

कोर्ट का फैसला

रांची सिविल कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद मधुसूदन बैठा को दोषी ठहराया और कठोर सजा सुनाई। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के प्रति कठोर रुख को दर्शाता है।

Share This Article