भूमि घोटाले में निलंबित IAS विनय चौबे की जमानत पर 16 सितंबर को आएगा फैसला

News Aroma
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Jharkhand News: हजारीबाग के बहुचर्चित सेवायत भूमि घोटाले में आरोपी निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर ACB कोर्ट 16 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगा।

शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें ACB और बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब सबकी नजरें 16 सितंबर पर टिकी हैं – क्या चौबे को फिर राहत मिलेगी या ACB की सख्ती कामयाब होगी?

क्या है मामला?

विनय चौबे पर हजारीबाग DC रहते हुए खासमहल की 2.75 एकड़ सेवायत भूमि के अवैध हस्तांतरण का आरोप है। ACB ने इस मामले में अगस्त 2025 में FIR दर्ज की (कांड संख्या 9/2025)। चौबे ने अपनी जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

उनकी ओर से वकील शंकर बनर्जी ने बहस की, जबकि ACB की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अभिषेक कृष्ण गुप्ता ने तीखे हमले किए। ACB का कहना है कि चौबे ने लीज नवीनीकरण में सेवायत ट्रस्ट को जानबूझकर हटाया, जिससे घोटाला हुआ।

शराब घोटाले का पुराना कनेक्शन

ये चौबे का पहला मामला नहीं है। इससे पहले झारखंड शराब घोटाले में भी वे आरोपी बने थे। गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर ACB चार्जशीट दाखिल न करने पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।

अब सेवायत भूमि घोटाले में भी यही सवाल उठ रहा है – क्या ACB फिर चूक जाएगी? चौबे को पहले ही रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग न करने का आरोप झेला।

देखना दिलचस्प होगा कोर्ट का रुख

विनय चौबे के वकीलों का दावा है कि उनके क्लाइंट निर्दोष हैं और कोई ठोस सबूत नहीं। वहीं ACB ने साफ कहा कि घोटाले में चौबे की भूमिका प्रथम दृष्टया साफ है।

अगर जमानत मिली, तो ये ACB के लिए बड़ा झटका होगा। इस घोटाले में अन्य आरोपी जैसे रिटायर्ड IAS विनोद चंद्र झा भी फंसे हैं। हजारीबाग ACB कोर्ट का फैसला न सिर्फ चौबे के भविष्य को तय करेगा, बल्कि झारखंड के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई पर भी असर डालेगा।

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