पारा शिक्षकों के ‘कल्याण’ पर जल्द फैसला ले सकती है हेमंत सरकार

रांची: अपने ‘अच्छे दिन’ आने का लंबे समय से इंतजार कर रहे झारखंड के 61 हजार पारा शिक्षकों के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि राज्य के 61 हजार पारा शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद काम कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा मंत्री ने कहा है कि वह पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर पहले से उनके साथ खड़े रहे हैं।

अब वह राज्य की सरकार में शिक्षा मंत्री हैं, इसलिए यह उनका दायित्व है कि वह राज्य के पारा शिक्षकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दलायें।

पारा शिक्षकों के ‘कल्याण’ पर जल्द फैसला ले सकती है हेमंत सरकार

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जगरनाथ महतो ने कहा है कि पारा शिक्षकों के स्थायीकरण, वेतनमान, कल्याण कोष पर आज भी सरकारी स्तर पर विचार चल रहा है। सरकार जल्द ही इस पर निर्णय करेगी।

उन्होंने कहा है कि पारा शिक्षकों की बेहतरी के मामले में सरकार अभी तक बहुत आगे निकल चुकी होती, लेकिन जिस दिन पारा शिक्षकों के लिए बनी कमिटी की पहली बैठक होनी थी, दुर्भाग्यवश उसी दिन 28 सितंबर को वह कोविड-19 की चपेट में आ गये और आठ महीने से ज्यादा समय तक वह इलाजरत रहे।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जगरनाथ महतो ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य मंत्री इस कोरोना काल में बेहतर कार्य कर रहे हैं।

शिक्षा विभाग के साथ-साथ सभी विभागों में ऐसे कार्य हो रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।

सरकार की कृषि ऋण माफी, बिजली बिल ब्याज माफी योजना का लाभ ग्रामीण ले रहे हैं। किसानों के बीच समय पर बीज का वितरण किया गया।

इसके अलावा हर पंचायत में विधायक द्वारा अनुशंसित पांच-पांच चापाकल लगाये जा रहे हैं। पिछली सरकार में यह बंद था।

उन्होंने कहा है कि सभी विधानसभा क्षेत्र में 20-20 किमी नयी सड़क और एक-एक पुल की अनुशंसा अब विधायक कर सकेंगे।

सरकार को 15 अगस्त तक मांगें मानने का अल्टीमेटम

साथ ही राज्य सरकार को 15 अगस्त तक मांगें मानने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। इस बीच अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है

तो इस बार आर या पार की लड़ाई होगी। आंदोलन इतना जबरदस्त होगा कि राज्य सरकार को अपने किये पर पछताने के अलावा और कुछ नहीं बचेगा।

इस संबंध में प्रेस कान्फ्रेंस करके एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा झारखंड की ओर से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है।

अष्टमंडल के सदस्य दशरथ ठाकुर ने स्पष्ट कर दिया है कि अबकी बार आर या पार का राज्य भर में आंदोलन होगा।

इसकी सारी जवाबदेही झारखण्ड सरकार की होगी। प्रेस कान्फ्रेंस में  मुख्य रूप से बृज किशोर तिवारी, संजय चौधरी, सत्येन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे।

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