पारा शिक्षक बोले- बातचीत में जो तय हुआ था, उसके अनुरूप नियमावली नहीं बनी, तो जारी रहेगा संघर्ष

शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी अगर प्रस्तावित नियमावली में ऐसे पारा शिक्षकों को हटाने संबंधी बिंदु समाहित किया गया है, तो निश्चय ही यह राज्य के पारा शिक्षकों के साथ धोखा है और हम इस बिंदु को लेकर विरोध करते रहेंगे

गिरिडीह : जिले के गांडेय प्रखंड में शनिवार को झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ का प्रखंडस्तरीय पद विस्तार कार्यक्रम हुआ।

प्रा. विद्यालय, लालपुर में हुए इस कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष मो सिद्दीक शेख ने कहा कि झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ राज्य के 55 हजार प्रशिक्षित/अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के हितों की रक्षा कर विश्वास पर खरा उतरेगा।

पारा शिक्षक बोले- बातचीत में जो तय हुआ था, उसके अनुरूप नियमावली नहीं बनी, तो जारी रहेगा संघर्ष

सरकार आज बिहार की तर्ज पर नियमावली का निर्माण कर रही है, तो यह राज्य के प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के संघर्ष का ही परिणाम है।

प्रदेश अध्यक्ष सिद्दीक शेख ने कहा कि सात अगस्त 2021 और 18 अगस्त 2021 को शिक्षा मंत्री के साथ संघ की तय वार्ता में स्पष्ट रूप से घोषणा की गयी थी कि बिहार की तर्ज पर झारखंड में पारा शिक्षक सेवा शर्त नियमावली बनायी जायेगी और संगठन के सुझाव/आपत्ति के निराकरण के बाद ही उसे कैबिनेट में भेजा जायेगा। लेकिन, दो महीने बाद भी शिक्षा मंत्री अपने वादे पर खरे नहीं उतरे। इससे राज्य के पारा शिक्षक आक्रोश में हैं।

शेख ने कहा कि प्रधान सचिव सुमन कुमार ने कहा कि तीन बार दक्षता परीक्षा में असफल पारा शिक्षकों को हटाया नहीं जायेगा, बल्कि मानदेय पर ही 60 साल तक सेवा ली जायेगी।

शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी अगर प्रस्तावित नियमावली में ऐसे पारा शिक्षकों को हटाने संबंधी बिंदु समाहित किया गया है, तो निश्चय ही यह राज्य के पारा शिक्षकों के साथ धोखा है और हम इस बिंदु को लेकर विरोध करते रहेंगे।

शेख ने कहा कि झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ आठ नवंबर को होनेवाली शिक्षा मंत्री की बैठक के बाद ही आगे की रणनीति की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि अगर वार्ता अनुरूप नियमावली का निर्माण नहीं हुआ, तो प्रस्तावित बिंदुओं के संशोधन हेतु संघर्ष जारी रहेगा।

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव राय ने कहा कि पारा शिक्षकों के आंदोलन में शहीद 26 पारा शिक्षकों को अपमानित करनेवाले के साथ हमलोग नहीं हैं।

सरकार बनने से पहले और सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वार्ता में जो तय हुआ था, उसके अनुसार वेतनमान देना होगा।

जिला अध्यक्ष दिलचंद महतो ने कहा कि सरकार समझौते के अनुसार मानदेय में वृद्धि अविलंब की जानी चाहिए।

गांडेय प्रखंड विस्तार कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र मंडल, प्रखंड सचिव टुनटुन रवानी, कोषाध्यक्ष मोतीलाल वर्मा, उपाध्यक्ष इरफान अहमद, उप सचिव अब्दुल हक, सह कोषाध्यक्ष मकबूल अंसारी, संगठन मंत्री लाल सिंह को बनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष गीता राज, एस अंसारी, इमामुद्दीन अंसारी आदि मौजूद थे।

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