
Ranchi Sadar Hospital: रांची सदर अस्पताल में बुधवार सुबह करीब 300 आउटसोर्सिंग नर्सों ने अचानक हड़ताल शुरू कर दी। वजह थी मंगलवार देर रात जारी मेट्रन परीक्षा का नोटिस, जिसमें 24 सितंबर को सभी नर्सों की परीक्षा का जिक्र था। नर्सों ने इसे गलत समझा और डर जताया कि असफल होने पर उनकी नौकरी छिन जाएगी।
नर्सों का कहना था कि नोटिस बिना तैयारी का समय दिए अचानक जारी किया गया। एक नर्स ने कहा, “हमें तैयारी का मौका नहीं मिला। ये अन्याय है। कोरोना में हमने जान जोखिम में डालकर सेवा दी, फिर भी नौकरी जाने का डर दिखाया जा रहा है।”
‘कोरोना में सेवा दी, अब डर क्यों?’
नर्सों ने गुस्सा जताया कि महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की देखभाल की। एक नर्स ने कहा, “हमने दिन-रात काम किया, परिवार से दूर रहकर सेवा दी। अब एक नोटिस से हमें डराया जा रहा है।” हड़ताल की वजह से अस्पताल में मरीजों की देखभाल प्रभावित होने लगी थी।
‘नौकरी सुरक्षित, भय न पालें’
डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. विमलेश सिंह ने नर्सों से बात की और भरोसा दिलाया कि परीक्षा सिर्फ अपग्रेडेशन के लिए है, नौकरी छीनने के लिए नहीं। उन्होंने कहा, “कोई भी नर्स निकाली नहीं जाएगी।
ये परीक्षा आपके स्किल्स को अपग्रेड करने के लिए है। आपका योगदान अमूल्य है। भ्रम न पालें, निश्चिंत होकर काम करें।” इस आश्वासन के बाद नर्सों ने हड़ताल खत्म की और काम पर लौट गईं।
क्या है मेट्रन परीक्षा?
मेट्रन परीक्षा आउटसोर्सिंग नर्सों को प्रोमोशन और स्किल अपग्रेडेशन के लिए आयोजित की जाती है। ये उनके करियर ग्रोथ का हिस्सा है, न कि नौकरी खत्म करने का तरीका। लेकिन कम्युनिकेशन गैप ने विवाद खड़ा कर दिया।
