
Jharkhand Ranchi News: रांची के अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने जाली नोट बरामदगी मामले में आरोपी साहिल कुमार उर्फ करण की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। साहिल को पुलिस ने 23 अगस्त को रांची में गिरफ्तार किया था।
गुप्त सूचना पर रातू रोड बस स्टैंड पर बिहार से आ रही एक बस से कार्टन उतारते साहिल और उसके साथी मो. साबिर को पकड़ा गया। जांच में 500 रुपये के 42 बंडल नोट मिले, जिनमें 650 नोट जाली पाए गए। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेल देने से इनकार कर दिया।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
पुलिस को गुप्त टिप मिली कि बिहार से जाली नोट की खेप आ रही है। रातू रोड बस स्टैंड पर निगरानी बढ़ाई गई। बस से कार्टन उतारते साहिल और साबिर को धर दबोचा। सर्च में 500 के नोटों के 42 बंडल बरामद हुए, कुल 650 जाली। SP ने बताया कि ये नोट दिल्ली से सप्लाई हो रहे थे।
पूछताछ में दिल्ली गैंग का खुलासा
साहिल और साबिर ने पूछताछ में कबूल किया कि दिल्ली स्थित एक आपराधिक गिरोह जाली नोट का कारोबार चला रहा है। गिरोह झारखंड-बिहार बॉर्डर पर फोकस करता है। पुलिस अब दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय कर रही है। साहिल के खिलाफ पहले भी संदिग्ध गतिविधियों के केस हैं।
जांच जारी, कोर्ट का फैसला
अदालत ने कहा कि जाली नोट कारोबार राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। बेल देने से जांच प्रभावित हो सकती है। SP रीष्मा रमेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जांच तेज है। दिल्ली गैंग के अन्य सदस्यों को भी पकड़ेंगे।” साबिर की बेल पर भी फैसला बाकी है।
