
Jharkhand Treasury Scam : झारखंड में हाल ही में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के बाद वित्त विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। विभाग ने वर्ष 2000, यानी राज्य गठन के समय से अब तक संचालित सभी 33 कोषागारों की विस्तृत जांच की सिफारिश की है। इस फैसले को वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और संभावित अनियमितताओं की पड़ताल के लिए अहम माना जा रहा है।
वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार इस व्यापक ऑडिट का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या बोकारो और हजारीबाग जैसे मामलों की तरह अन्य जिलों के कोषागारों में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है। जांच के दौरान पिछले 25 वर्षों के वित्तीय लेन-देन, भुगतान प्रक्रिया और सिस्टम की विश्वसनीयता की समीक्षा की जाएगी।
इस पूरे मामले की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। इस कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ आईएएस अधिकारी करेंगे, जिसमें महालेखाकार के विशेषज्ञ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी न केवल घोटाले की जांच करेगी, बल्कि ट्रेजरी सिस्टम में मौजूद तकनीकी और प्रशासनिक खामियों को भी चिन्हित कर सुधार के सुझाव देगी।
जांच में फर्जी निकासी के तरीकों जैसे पोर्टल में छेड़छाड़, फर्जी पे-आईडी निर्माण और बैंक खाता विवरण में बदलाव पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही, आरोपियों की संपत्ति और आपराधिक गतिविधियों की जांच के लिए सीआईडी को जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
विभाग ने बोकारो और हजारीबाग में सामने आई गड़बड़ियों के बाद स्पेशल ऑडिट का अनुरोध किया है, जबकि पलामू में अब तक किसी बड़ी अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।

