
Jharkhand Treasury Scam : झारखंड के विभिन्न कोषागारों से सरकारी राशि की कथित फर्जी निकासी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में अब Enforcement Directorate (ED) की एंट्री हो गई है। एजेंसी ने ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रांची, हजारीबाग और बोकारो कोषागारों से वेतन मद में सरकारी राशि की कथित अवैध निकासी से जुड़े पहले से दर्ज FIR को ED ने अपने ECIR में शामिल किया है। अब एजेंसी यह जांच करेगी कि फर्जी निकासी के जरिए सरकारी धन का इस्तेमाल कहां और किस प्रकार किया गया।
रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी विशेष रूप से तीन कोषागारों — रांची, हजारीबाग और बोकारो — से हुई कथित निकासी की पड़ताल करेगी। माना जा रहा है कि वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और पैसों के ट्रांसफर की गहन जांच की जाएगी।
अधिकारियों-कर्मचारियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
इस मामले में पहले ही झारखंड पुलिस कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस जांच में कई अहम दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड सामने आए थे। अब ED की जांच शुरू होने के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
क्या होती है ECIR?
ECIR यानी Enforcement Case Information Report वह दस्तावेज होता है, जिसे ED किसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करने के लिए दर्ज करती है। यह पुलिस FIR की तरह काम करती है, जिसके आधार पर पूछताछ, छापेमारी और संपत्ति जांच जैसी कार्रवाई हो सकती है।

