
रांची: झारखंड में शुक्रवार को हुई बेमौसमी बरसात ने कहर बरपाया है। राजधानी रांची और राज्य के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस बदलाव ने गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन हजारीबाग, चतरा और पलामू में वज्रपात के हादसों ने लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर दिया। इन घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रांची में दोपहर के बाद शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। रात करीब 12:30 बजे तक हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। लेकिन किसानों को इस बारिश से नुकसान झेलना पड़ा, क्योंकि सब्जियों, गेहूं की फसल और आम के बगीचों को नुकसान पहुंचा है।
हजारीबाग के कटकमसांडी और पत्थलगड्डा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव जेहरा में दर्दनाक हादसा हुआ। घर के बाहर काम कर रहे संजय भुइयां अपनी दो पत्नियों पूनम देवी और कल्याणी देवी के साथ वज्रपात की चपेट में आ गए। तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। अस्पताल ले जाने पर पूनम देवी और कल्याणी देवी की मौत हो गई, जबकि संजय भुइयां का इलाज जारी है। वहीं चतरा के बंदरचुवा गांव में महुआ चुनते समय शमा परवीन की वज्रपात से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी बेटी लाडली उर्फ हुजैफा परवीन और जैतून निशा गंभीर रूप से घायल हुईं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
पलामू के सरजा गांव में 55 वर्षीय तपेश्वर भुइयां की बारिश के दौरान वज्रपात से मौत हो गई। वह अपने बैल को खोलने जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 मार्च को राज्य में तेज हवा, गरज-चमक और मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके बाद 22 मार्च से मौसम साफ होने की संभावना है और तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
