

कोझिकोड : कोझिकोड के पास गौर के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद सदमे में उसके एक रिश्तेदार की भी हृदयाघात से मृत्यु हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके में जंगली जानवरों की समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन मिलने तक शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। विलंगड की वायाड कॉलोनी निवासी सुनील (40) पर शनिवार को उस समय गौर ने हमला कर दिया, जब वह वन अधिकारियों के साथ मिलकर रिहायशी इलाके से गौर के झुंड को खदेड़ने की कोशिश कर रहे थे। हमले में सुनील की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार रात करीब 11 बजे उनका शव घर लाया गया।





पुलिस ने बताया कि सुनील की मौत की खबर से सदमे में उनके चचेरे भाई विजेश की भी हृदयाघात से मौत हो गई। इससे परिवार व पूरे इलाके में मातम छा गया। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में गौर की समस्या का स्थायी समाधान होने तक दोनों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने सुनील के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों ने संवाददाताओं से कहा कि गौर अब इंसानों के प्रति आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने इन जंगली जानवरों को मारने की मांग भी की। ग्रामीणों का कहना है कि गौर अब भी आसपास के इलाकों में घूम रहे हैं, जिससे लोगों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है और फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय विधायक के. एम. अभिजीत ने कहा कि कार्रवाई करने से पहले उस गौर की पहचान करना जरूरी है, जिसने सुनील पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर शनिवार रात अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। विधायक ने कहा कि परिवार और स्थानीय निवासियों ने अपनी मांगें और चिंताएं सरकार के सामने रखी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।’’ उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में फिलहाल 14 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है और पांच लाख रुपये की पहली किस्त जल्द ही परिवार को दी जाएगी। विधायक ने कहा कि वन विभाग ने इलाके से गौर के झुंड को खदेड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि सुनील पर हमला करने वाले गौर को मारने के संबंध में सरकार जल्द फैसला लेगी।
