जम्मू-कश्मीर में किसी भी नेता के नजरबंद होने या गिरफ्तारी से LG ने किया इनकार

PDP ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा,‎कि उच्चतम न्यायालय का फैसला सुनाए जाने से पहले ही पुलिस ने PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आवास के दरवाजे सील कर दिए हैं और उन्हें अवैध रूप से नजरबंद कर दिया है।

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Manoj Sinha : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने को लेकर उच्चतम न्यायालय (Supreme court) के फैसले से पहले किसी की नजरबंदी या गिरफ्तारी की कोई भी खबर ‘‘पूरी तरह से बेबुनियाद’’ है।

PDP ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा,‎कि उच्चतम न्यायालय का फैसला सुनाए जाने से पहले ही पुलिस ने PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आवास के दरवाजे सील कर दिए हैं और उन्हें अवैध रूप से नजरबंद कर दिया है।

नेकां के एक नेता ने कहा….

पुलिस ने पत्रकारों को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के गुपकर स्थित आवास के पास एकत्र होने की अनुमति नहीं दी। गुपकर रोड के प्रवेश स्थानों पर पुलिसकर्मियों का एक दल तैनात किया गया और पत्रकारों को नेकां नेताओं के आवास के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई।

नेकां के एक नेता ने कहा कि पुलिस ने आवास के मुख्य द्वार पर सुबह ताला लगा दिया। नेकां की राज्य इकाई की अतिरिक्त प्रवक्ता सारा हयात शाह ने ‘X’ पर लिखा, ‘‘उमर अब्दुल्ला को उनके घर में बंद कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर अब्दुल्ला के आवास के बंद मुख्य द्वार की तस्वीरें भी साझा कीं।

उमर अब्दुल्ला अक्टूबर 2020 में अपना आधिकारिक आवास खाली करने के बाद से अपने पिता के साथ रहते हैं। श्रीनगर से सांसद फारूक अब्दुल्ला मौजूदा संसद सत्र के लिए दिल्ली में हैं और उनका बेटा कश्मीर घाटी में है।

सिन्हा ने कहा…

गौरतलब है ‎कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने दावा किया कि उसकी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को उच्चतम न्यायालय के फैसले से पहले सोमवार को नजरबंद कर दिया गया है, जिस पर उपराज्यपाल ने सोमवार को बताया ‎‎कि यह पूरी तरह से निराधार है।

पूरे जम्मू-कश्मीर में किसी को भी नजरबंद या गिरफ्तार नहीं किया गया है। यह अफवाह फैलाने का प्रयास है। सिन्हा ने कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में कहीं भी राजनीतिक कारणों से किसी को नजरबंद या गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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