
MGNREGA scam Jharkhand: बहुचर्चित मनरेगा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट पीएमएलए की विशेष अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें पांच नए आरोपियों को शामिल किया गया है।
इस बार जिन लोगों के नाम जोड़े गए हैं, उनमें आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के करीबी परिजन भी शामिल हैं। आरोपियों की सूची में उनकी मां कमलेश सिंघल, भाई सिद्धार्थ सिंघल, सास अमिता झा, राधेश्याम फायरवर्क्स एलएलपी और सीए सुमन कुमार के भाई पवन कुमार सिंह का नाम सामने आया है।
यह कार्रवाई झारखंड पुलिस और एसीबी द्वारा दर्ज 16 प्राथमिकी के आधार पर की गई है। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2009 से 2011 के बीच खूंटी जिले में विकास योजनाओं के लिए करीब 24 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिनमें से लगभग 18.06 करोड़ रुपये फर्जी कार्यों और अनियमितताओं के जरिए गबन कर लिए गए।
ईडी के अनुसार, तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल इस पूरे मामले की प्रमुख लाभार्थी थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने योजनाओं की मंजूरी देने के बदले करीब 5 प्रतिशत तक कमीशन लिया और संबंधित अधिकारियों को संरक्षण प्रदान किया। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध रूप से अर्जित धन को बेनामी कंपनियों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के माध्यम से निवेश किया गया।
गौरतलब है कि ईडी ने इस मामले में 6 मई 2022 को जांच शुरू की थी और 11 मई 2022 को पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया गया था। लगभग 28 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें 7 दिसंबर 2024 को जमानत मिल गई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
