

कोरोना महामारी के बाद हिंदी सिनेमा में हिंसा और क्राइम पर आधारित फिल्मों के प्रदर्शन समय में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। अब इसी चलन की अगली कड़ी के तौर पर ‘मिर्जापुर’ की फिल्म को भी देखा जा रहा है। बड़े पर्दे पर अपराध, बदले और हिंसा से भरपूर कहानियां अब पहले से ज्यादा लंबे समय तक दर्शकों को बांधे रख रही हैं।
‘एनिमल’ ने खींची लंबी लकीर
इस बदलाव की चर्चा 2023 में आई फिल्म ‘एनिमल’ के साथ तेज हुई। रणबीर कपूर अभिनीत इस फिल्म की अवधि करीब 3 घंटे 23 मिनट थी। फिल्म की लंबी अवधि के बावजूद इसे दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला और इसके बाद बड़े समय वाली फिल्मों को लेकर निर्माताओं का नजरिया भी बदला।
‘द बंगाल फाइल्स’ ने बढ़ाया समय
इसके बाद 2025 में आई ‘द बंगाल फाइल्स’ ने अवधि के मामले में एक कदम और आगे बढ़ाया। इसकी लंबाई 3 घंटे 24 मिनट रही, यानी ‘एनिमल’ से एक मिनट ज्यादा। इससे साफ हुआ कि गंभीर और हिंसक विषयों वाली कहानियों को विस्तार देने से निर्माता अब पहले की तरह हिचक नहीं रहे हैं।
‘धुरंधर’ ने बनाया नया आंकड़ा
2025 में ही आई ‘धुरंधर’ ने फिल्मों की लंबाई को और आगे बढ़ा दिया। इसकी अवधि 3 घंटे 34 मिनट रही। फिल्म की कहानी को विस्तार देने के लिए निर्माताओं ने ज्यादा समय लिया और यह चलन दर्शकों के बीच भी चर्चा का विषय बना।
अगली कड़ी ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
2026 में आई ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इससे भी आगे निकल गई। इसकी अवधि 3 घंटे 49 मिनट रखी गई। अब ‘मिर्जापुर’ की फिल्म को लेकर भी दर्शकों की नजर इसी बात पर है कि क्या यह लंबी अवधि वाली हिंसक फिल्मों के इस सिलसिले को और आगे बढ़ाएगी।
