इस कार्रवाई के बाद झारखंड में सक्रिय कथित ड्रग्स नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी को इस सिंडिकेट के संपर्क देश के दूसरे हिस्सों और विदेशों तक फैले होने का संदेह है।

विदेशी मोबाइल नंबरों से चलता था ड्रग्स का कथित कारोबार
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, आरोपी जिम्मी कथित तौर पर विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार संचालित करता था। इसके लिए थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के नंबरों के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
अब NCB इन नंबरों से जुड़े संपर्कों, बातचीत और कथित लेन-देन की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में है कि इस नेटवर्क का संचालन कैसे होता था और इसमें दूसरे लोगों की क्या भूमिका थी।
रांची के होटल और बार भी जांच के दायरे में
इस मामले में रांची के कुछ होटल और बार में नशीले पदार्थों की कथित सप्लाई की आशंका भी जताई गई है। इसी वजह से कुछ प्रतिष्ठान जांच एजेंसी के रडार पर बताए जा रहे हैं।
हालांकि, किन होटल या बार का इस मामले से संबंध है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित सप्लाई नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
विदेशी कनेक्शन की आशंका
NCB अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ड्रग्स सिंडिकेट के तार किन शहरों और देशों से जुड़े हैं।


