बरसात में लीजिए चाय और पकौड़े का आनंद, सेहत भी रहेगी बुलंद

आहार विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में चाय और पकौड़ों का कॉम्बिनेशन केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। पकौड़े आमतौर पर बेसन, मसाले और सब्जियों से बनाए जाते हैं, जिनमें आलू, प्याज, लौकी, कद्दू जैसी सब्जियां प्रमुख हैं। इसके अलावा, मूंग दाल के पकौड़े भी काफी लोकप्रिय हैं।

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Enjoy tea and pakoras in the rain: क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश में विशेष रूप से चाय और पकौड़े खाने की इच्छा क्यों होती है। यह केवल स्वाद की बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हुए हैं।

आहार विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में चाय और पकौड़ों का कॉम्बिनेशन केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। पकौड़े आमतौर पर बेसन, मसाले और सब्जियों से बनाए जाते हैं, जिनमें आलू, प्याज, लौकी, कद्दू जैसी सब्जियां प्रमुख हैं। इसके अलावा, मूंग दाल के पकौड़े भी काफी लोकप्रिय हैं।

chai pakora.

बेसन और सब्जियों का यह मिश्रण पोषण से भरपूर होता है, जिसमें विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और एनर्जी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। अगर पकौड़े सही तरीके से अच्छे तेल में पकाए जाएं, तो वे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होते।

इसमें डाले जाने वाले मसाले जैसे हल्दी, धनिया, मिर्च आदि भी सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। इस तरह चाय-पकौड़े का कॉम्बिनेशन न केवल स्वाद को संतुष्ट करता है, बल्कि शरीर को आवश्यक पोषण भी प्रदान करता है। चाय, एक गर्म पेय के रूप में, ताजगी और स्फूर्ति का अहसास दिलाने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, बारिश में चाय-पकौड़े खाने की इच्छा के पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी हैं।

बारिश में चाय और पकौड़े

बरसात के मौसम में सूर्य का प्रकाश कम मिलने के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है, जिससे हैप्पी हार्मोन सेरोटोनिन का स्तर गिरने लगता है। इस स्थिति में शरीर को कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है, और पकौड़े इसका बेहतरीन स्रोत होते हैं। पकौड़े खाने से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है, जिससे मूड बेहतर होता है और व्यक्ति खुद को खुश महसूस करता है।

इसके साथ ही, फ्राइड फूड से ब्रेन में डोपामाइन का स्राव भी बढ़ता है, जिससे मानसिक संतुलन और खुशी का अनुभव होता है। चाय और पकौड़े खाने का एक और सामाजिक पहलू भी है।

आमतौर पर, जब बारिश में पकौड़े और चाय बनते हैं, तो परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर इसका आनंद लेते हैं। इस दौरान हंसी-मजाक और बातचीत का माहौल बनता है, जिससे परिवार के लोगों के बीच नजदीकियां बढ़ती हैं और रिश्तों में मिठास आती है।

यह एक ऐसा समय होता है, जब परिवार के लोग एक साथ मिलकर समय बिताते हैं और एक-दूसरे से घुलते-मिलते हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों पर पड़ता है। हालांकि, पकौड़ों का स्वाद तो सभी को लुभाता है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है।

चाय के साथ बेसन के पकौड़े

ज्यादा मात्रा में तले हुए पकौड़े खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना होती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, कभी-कभी बारिश के मौसम में चाय और पकौड़े का आनंद लिया जा सकता है, लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि उनकी मात्रा नियंत्रित हो। बता दें कि बरसात के मौसम की शुरुआत होते ही सबसे पहले जिस चीज की याद आती है, वह है चाय और गर्मागर्म पकौड़े।

बारिश की हल्की-हल्की बूंदों के साथ चाय और पकौड़े का आनंद लेना लगभग हर भारतीय घर की पुरानी परंपरा है।

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