कश्मीर घाटी में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत

News Desk
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नई दिल्ली: कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में सुधार आने पर ठंड से थोड़ी राहत मिली। वहीं, मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को कुछ स्थानों पर बारिश/बर्फबारी की संभावना जतायी है।

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में शुक्रवार रात को कुछ स्थानों पर पारा कई डिग्री तक बढ़ गया। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया जबकि पिछली रात को शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया था।

उत्तरी कश्मीर में मशहूर पर्यटक स्थल गुलमर्ग में पारा शून्य से 7.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में पर्यटक स्थल पहलगाम में पिछले रात के मुकाबले नौ डिग्री अधिक शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि नजदीकी दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग शहर में शून्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान कार्यालय ने बताया कि सोमवार तक मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है और सोमवार को कुछ स्थानों पर बारिश/बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद दो और तीन फरवरी को बारिश हो सकती है।

कश्मीर अभी 40 दिन की कड़ाके की ठंड की चपेट में है जिसे ‘चिल्लई कलां’ भी कहा जाता है। ‘चिल्लई कलां’ पिछले साल 21 दिसंबर को शुरू हुआ।

‘चिल्लई कलां’ तब शुरू होता है जब क्षेत्र में शीत लहर का प्रकोप होता है और पारा इतना गिर जाता है कि यहां मशहूर डल झील समेत जलाशय जम जाते हैं। इस अवधि के दौरान बफबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है खासतौर से पहाड़ी इलाकों में।

‘चिल्लई कलां’ की अवधि 31 जनवरी को समाप्त होगी लेकिन कश्मीर में उसके बाद भी शीतलहर जारी रहेगी। इसके बाद 20 दिन का ‘चिल्लई खुर्द’ (कम ठंड) और 10 दिवसीय ‘चिल्लई बच्चा’ शुरू होगा।

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