लोहरदगा के नौ मजदूरों का उत्तराखंड हादसे के बाद अबतक कोई सुराग नहीं

लोहरदगा: उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से आई आपदा में लोहरदगा  के नौ मजदूरों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

सभी मजदूर लोहरदगा जिले के बेहटठ गांव के चौटांगी टोला के रहने वाले हैं। इसमें ज्योतिष बाखला, मंजनू बाखला, नेम्हस बाखला, सुनील बाखला, उरबानुस बाखला, रविंदर उरांव, दीपक कुजूर एवं महुरांग टोली के विक्की भगत, प्रेम उरांव शामिल हैं। इनके  परिजन परेशान हैं।

जगह-जगह गुहार लगा रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। गांव में नेताओं का दौरा जारी है।

गौरतलब है कि सभी जोशी मठ के तपोवन स्थित रैणी गांव में एनटीपीसी के डैम निर्माण में मजदूरी करने गए थे।

इस बात की जानकारी मिलते ही लोहरदगा के पूर्व विधायक सुखदेव भगत अपने सहयोगियों के साथ चौटांगी एवं मोहुरांगटोली पहुंचे।

उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अपनी ओर से उन्हें ढाढस बंधाया और इस संबंध में अपनी ओर से जितनी भी सहायता होगी वह करने को परिजनों को भरोसा दिलाया ।

भगत ने आपदा विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता से वार्ता कर लापता हुए मजदूरों के बारे में उत्तराखंड के सरकार से संपर्क कर पीड़ित परिवार को सहायता करने की बात कही।

मंत्री ने भगत को कहा कि इस मामले में सरकार गंभीर है वहां के मुख्य सचिव, आपदा विभाग एवं डीएम से सरकार संपर्क में है। सरकार लापता हुए मजदूरों को हर संभव सहायता करेगी।

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