भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही बृहस्पतिवार को विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच शाम चार बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्य पिछले महीने संसद में पारित एमएमडीआर संशोधन अधिनियम को तत्काल रद्द करने की मांग कर रहे थे। सुबह साढ़े 10 बजे प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विधानसभा उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई के आसन पर आते ही प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायक सदन के बीचोंबीच आ गए। भोई ने संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग को एक सवाल का जवाब देने की अनुमति दी, तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में शोर-शराबा होने लगा। कुछ सदस्य रिपोर्टरों की मेज पर खड़े दिखाई दिए, जबकि प्रदर्शन कर रहे कुछ विधायक अध्यक्ष के आसन के नीचे खड़े होकर नारे लगा रहे थे।

बीजद के सदस्यों ने हरे रंग की पृष्ठभूमि वाले बैनर प्रदर्शित किए, जबकि कांग्रेस विधायक खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 का विरोध करने के लिए काले रंग का गमछा पहने हुए थे। उपाध्यक्ष ने हंगामे के बीच मंत्रियों को तीन सवालों के जवाब देने की अनुमति दी। इस दौरान विपक्षी सदस्य जोर-जोर से नारेबाजी कर रहे थे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने आसन का ध्यान इस ओर दिलाते हुए कहा कि वह उपाध्यक्ष को देख नहीं पा रहे हैं, क्योंकि विपक्षी सदस्य सदन के बीचोंबीच रिपोर्टरों की मेज पर खड़े हैं। भोई के प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से हंगामा खत्म करने के अनुरोध का कोई असर नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।


