पुलिस की जिम्मेदारियां अब सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं: डीजीपी

ओडिशा के डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने पुलिस स्मृति दिवस पर 154 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आतंकवाद, नक्सलवाद, साइबर अपराध और नशा तस्करी से निपटने की चुनौतियां बताईं।

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कटक: ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने बुधवार को कहा कि पुलिस की जिम्मेदारियां अब केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आतंकवाद, नक्सलवाद, संगठित अपराध, साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी कई चुनौतियों से निपटना भी उसकी जिम्मेदारी है। मिश्रा ने यहां पुलिस मुख्यालय में 67वें पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी निभानी होती है।

उन्होंने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पुलिस स्मृति दिवस पर हम अपने बहादुर पुलिसकर्मियों को उनके साहस, समर्पण और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके बलिदान और अथक प्रयास हमारे नागरिकों की सुरक्षा करते हैं और कानून के शासन को बनाए रखते हैं। राष्ट्र उनकी अमूल्य सेवा और बलिदान के लिए सदैव उनका आभारी रहेगा।”
माझी ने ‘आजाद हिंद दिवस’ के अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दिवस आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सेना के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि।” पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों ने पारंपरिक ‘शोक शस्त्र’ की परंपरा निभाई। इस परंपरा में शोक प्रकट करने के लिए हथियारों को उल्टा रखा जाता है। इसके अलावा, उन्होंने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पुलिस स्मृति दिवस 1959 में इसी तारीख को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों की स्मृति में मनाया जाता है।

मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष विभिन्न राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के 154 कर्मियों ने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। मिश्रा ने राज्य में माओवाद-विरोधी अभियानों के दौरान शहीद हुए ओडिशा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “उनका बलिदान पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत बना रहेगा।”

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।