पाताल भुवनेश्वर: धरती के 90 फीट नीचे छिपा है देवताओं का रहस्यमयी संसार!

पिथौरागढ़ की पाताल भुवनेश्वर गुफा रहस्यों और आस्था से भरी है। 90 फीट गहराई में स्थित इस मंदिर में शिव समेत देवी-देवताओं के प्राकृतिक स्वरूप दिखाई देते हैं।

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पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिला स्थित पाताल भुवनेश्वर एक अत्यंत रहस्यमयी और पवित्र भूमिगत गुफा मंदिर है, जो समुद्र तल से 1,350 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। लगभग 90 फीट गहराई में फैली यह गुफा भगवान शिव को समर्पित है। पौराणिक मान्यता है कि इस पावन स्थल पर 33 करोड़ देवी-देवताओं का अदृश्य वास है।इसकी खोज त्रेतायुग में सूर्यवंशी राजा ऋतुपर्ण ने की थी। महाभारत काल में पांडवों ने अपनी अंतिम हिमालय यात्रा के दौरान यहां ध्यान लगाया था। वर्ष 1191 ई. में आदि शंकराचार्य जी ने इस तीर्थ का पुनरुद्धार किया, जिसके बाद से भंडारी परिवार की पीढ़ी-दर-पीढ़ी यहां पूजा-अर्चना करती आ रही है। गुफा के अंदर प्राकृतिक स्टैलेग्माइट आकृतियों में शेषनाग, गणेश जी और शिव की जटाओं के दर्शन होते हैं। यहाँ चार पौराणिक द्वार—रणद्वार, पापद्वार, धर्मद्वार और मोक्षद्वार हैं। मान्यता है कि यह गुफा सीधे कैलाश पर्वत से जुड़ी है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।