

तिरुवंनतपुरम : केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनरायी विजयन ने एनसीएलटी द्वारा मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा से जुड़े 22,006.57 करोड़ रुपये के दावों के बदले केवल 6.5 करोड़ रुपये की पुनर्भुगतान योजना को मंजूरी दिये जाने की सोमवार को आलोचना करते हुए भाजपा और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के बीच साठगांठ का आरोप लगाया।





मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता विजयन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चंद्रा के ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)और संघ परिवार के साथ करीबी संबंध’’ इस कथित मिलीभगत को और स्पष्ट करते हैं। केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जहां गरीबों को छोटी-मोटी चूक के लिए भी दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है, वहीं अमीर और ताकतवर लोगों को आम करदाता की कीमत पर विशेष सुविधाएं मिलती रहती हैं।’’
विजयन ने कहा, ‘‘इस घोर अन्याय को होने नहीं दिया जा सकता। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी)के आदेश को वापस लिया जाना चाहिए और ताकतवर लोगों के हितों के बजाय आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि एनसीएलटी के आदेश ने ‘‘बड़े उद्योग घरानों के हितों और भाजपा की मिलीभगत’’ को उजागर कर दिया है।
